Chandauli News: डीडीयू मंडल की बड़ी उपलब्धि, शून्य दुर्घटना, 180 Km/h ट्रायल, रुद्रास्त्र मालगाड़ी का संचालन.
"उपलब्धियों के साथ डीडीयू रेल मंडल ने आधुनिक तकनीक और मजबूत प्रबंधन के जरिए सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद रेल सेवा की दिशा में एक मिसाल पेश की है।"
chandauli
8:46 PM, Apr 3, 2026
Share:


डीडीयू रेल मंडल की सफलताओं का बखान करते मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीणा
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: संदीप कुमार, बड़ा बाबू, डीडीयू नगर (चंदौली).
चंदौली। पूर्व मध्य रेल के डीडीयू मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में संरक्षा, गति और परिचालन दक्षता के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए खुद को एक मजबूत और भरोसेमंद रेल मॉडल के रूप में स्थापित किया है। मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस अवधि में शून्य दुर्घटना का रिकॉर्ड, 180 किमी प्रति घंटा गति का सफल ट्रायल और 4.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी ‘रुद्रास्त्र’ का संचालन प्रमुख उपलब्धियां रही हैं।
संरक्षा के क्षेत्र में ‘कवच’ प्रणाली का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिसके तहत ट्रेनों की निगरानी के लिए रेडियो कम्युनिकेशन आधारित तकनीक लागू की गई है। अब तक 170.48 रूट किलोमीटर पर लोको ट्रायल सफल हुआ है और 93 लोकोमोटिव में यह सिस्टम स्थापित किया जा चुका है। इसके लागू होने से सिग्नल तोड़ने की घटनाएं लगभग खत्म हो जाएंगी। वहीं सिग्नलिंग में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिस्टम 113 रूट किलोमीटर तक लागू किया गया है और 39 स्टेशनों को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से जोड़ा गया है।
विज्ञापन
गति के क्षेत्र में 25 मार्च 2026 को डीडीयू-गया ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन पर 180 किमी प्रति घंटा का सफल ट्रायल किया गया, जबकि परिचालन दक्षता में 90.33% समयपालन दर के साथ 92,453 कोचिंग ट्रेनों का संचालन किया गया। दिसंबर 2025 में 905 वैगनों का रिकॉर्ड मेंटेनेंस और 4.5 किमी लंबी मालगाड़ी का संचालन मंडल की क्षमता को दर्शाता है। वित्तीय प्रदर्शन में मंडल ने ₹317.60 करोड़ का पूंजीगत व्यय किया, जबकि कुल आय ₹709.94 करोड़ रही। टिकट चेकिंग से ₹42.67 करोड़ की वसूली और स्क्रैप बिक्री से ₹80.50 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया। डिजिटल पहल के तहत क्यूआर पेमेंट और बायोमेट्रिक सिस्टम भी लागू किए गए हैं।
अधोसंरचना विकास में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 15 स्टेशनों का उन्नयन और तीसरी लाइन की कमीशनिंग जैसे कार्य पूरे किए गए। वहीं आरपीएफ ने 102 अपराधियों को गिरफ्तार कर 15.28 लाख की रेल संपत्ति बरामद की, जबकि ‘नन्हे फरिश्ते’ अभियान के तहत 754 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। इन उपलब्धियों के साथ डीडीयू मंडल ने आधुनिक तकनीक और मजबूत प्रबंधन के जरिए सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद रेल सेवा की दिशा में एक मिसाल पेश की है।
