Chandauli News: डीडीयू रेल मंडल ने गढ़ा कीर्तिमान, रेल पटरी पर पहली बार दौड़ी 4.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी ‘रूद्रास्त्र.
एक साथ 6 बॉक्सन रैक को जोड़कर बनी 354 वैगन वाली मालगाड़ी को 07 इंजनों ने चलाया, रेल मंत्री ने इस नवाचार के लिए दी बधाई,
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10:52 AM, Aug 9, 2025
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धनबाद जाती 4.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी ‘रुद्रास्त्र
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Story By: संदीप कुमार, बड़े बाबू, डीडीयू मंडल.
चंदौली। भारतीय रेल के इतिहास में डीडीयू रेल मंडल ने एक नया कीर्तिमान हासिल किया है। माल ढुलाई की क्षमता और काम की कुशलता बढ़ाने की दिशा में पूर्व मध्य रेल के डीडीयू मंडल ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डीडीयू मंडल के गंजख्वाजा स्टेशन से पूरे भारतीय रेल में पहली बार छह खाली बॉक्सन रेक को जोड़कर बनाई गई ‘रूद्रास्त्र' नाम की लंबी मालगाड़ी को सफलतापूर्वक चलाया गया। यह मालगाड़ी करीब 4.5 किलोमीटर लंबी रही, जो अब तक भारतीय रेल की सबसे लंबी मालगाड़ी है।

‘रूद्रास्त्र मालगाड़ी
रूद्रास्त्र द्वारा 05:00 घंटे में 40 किलोमीटर की औसत स्पीड से गंजख्वाजा स्टेशन से गढ़वा रोड स्टेशन तक की 200 किलोमीटर की दूरी तय की गई। रूद्रास्त्र' को छह खाली बॉक्सन रेक को जोड़कर तैयार किया गया, जिसमें कुल 354 वैगन शामिल हैं। इस मालगाड़ी को चलाने के लिए 07 इंजन लगाए गए। गंजख्वाजा स्टेशन से सभी छह रेक को जोड़कर बनी 'रूद्रास्त्र' मालगाड़ी को दोपहर 2:20 बजे गढ़वा रोड के लिए रवाना किया गया। यह मालगाड़ी डीडीयू मंडल के गंजख्वाजा से सोननगर तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर और उसके बाद गढ़वा रोड की ओर भारतीय रेल के सामान्य ट्रैक पर चली।

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मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने बताया कि पूर्व मध्य रेल का डीडीयू मंडल भारतीय रेल के सबसे अहम मंडलों में से एक है, जो धनबाद मंडल को कोयला और अन्य सामान लादने के लिए लगातार समय से खाली मालगाड़ी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है। यहां मालगाड़ियों के डिब्बों की जांच और मरम्मत बड़े पैमाने पर की जाती है। जांच के बाद पूरी तरह ठीक डिब्बों को जोड़कर मालगाड़ी तैयार की जाती है, जिसे आगे धनबाद मंडल को भेजा जाता है ताकि वहां सामान लादा जा सके। ‘रूद्रास्त्र' का सफल संचालन डीडीयू मंडल की बेहतर काम करने की क्षमता, विभागों के बीच तालमेल और अच्छे प्रबंधन का उदाहरण है।

डीडीयू रेल मंडल प्रबंधक उदय सिंह मीना
इससे माल ढुलाई की रफ्तार और क्षमता दोनों बढ़ेंगी। अगर इन मालगाड़ियों को अलग-अलग चलाया जाता तो इन सभी के लिए छह बार अलग-अलग मार्ग और चालक दल की व्यवस्था करनी पड़ती। रूद्रास्त्र के रूप में एक साथ चलने से उल्लेखनीय रूप से समय की बचत होगी तथा और ज्यादा ट्रेन चलाने के लिए मार्ग भी उपलब्ध होगा। 4.5 किलोमीटर लंबी 'रूद्रास्त्र' मालगाड़ी का सफल संचालन डीडीयू मंडल की नई सोच और नवाचार की शानदार मिसाल है। वही रेल मंत्री ने डीडीयू मंडल के डीआरएम और उनकी टीम को इस कृतिमान के लिए बधाई दी है।