Chandauli News: सकलडीहा तहसील में अधिवक्ता और राजस्व लिपिक के बीच मारपीट, दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज.
"सकलडीहा कोतवाल भूपेंद्र निषाद ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। घायल अधिवक्ता को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।"
chandauli
8:18 AM, Jun 30, 2026
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घायल अधिवक्ता
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Story By: पुनवासी यादव, सकलडीहा, चंदौली.
चंदौली। सकलडीहा तहसील परिसर में सोमवार को खतौनी शुद्धीकरण की एक फाइल को लेकर अधिवक्ता और प्रभारी राजस्व लिपिक (मालबाबू) के बीच विवाद मारपीट में बदल गया। घटना में अधिवक्ता उपेंद्र नारायण सिंह घायल हो गए। घटना के बाद तहसील परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बाद में दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता उपेंद्र नारायण सिंह खतौनी शुद्धीकरण (38(2)) से संबंधित एक फाइल के निस्तारण के लिए पिछले कई दिनों से प्रयास कर रहे थे। उनका आरोप है कि तहसीलदार के निर्देश के बावजूद प्रभारी राजस्व लिपिक शाकिब अर्सलान फाइल को आगे नहीं बढ़ा रहे थे। सोमवार को इसी संबंध में तहसीलदार के चैंबर में दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना में अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिवक्ताओं का आरोप है कि राजस्व लिपिक ने धारदार हथियार से हमला किया, जबकि लेखपाल संघ ने इस आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि मारपीट के दौरान कुर्सी लगने से अधिवक्ता घायल हुए।
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घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर पहुंच गए। आक्रोशित अधिवक्ताओं के पहुंचने पर प्रभारी राजस्व लिपिक एसडीएम कार्यालय स्थित बाथरूम में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। स्थिति को देखते हुए एसडीएम कुंदन राज कपूर और तहसीलदार ने हस्तक्षेप कर अधिवक्ताओं को शांत कराया तथा मामले में नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ता कोतवाली पहुंचे और राजस्व लिपिक के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। दूसरी ओर लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने भी कोतवाली पहुंचकर अधिवक्ता के खिलाफ तहरीर दी। संघ का कहना है कि राजस्व लिपिक पर लगाए गए चाकू से हमला करने के आरोप तथ्यहीन हैं। घटना के बाद लेखपाल संघ ने आगे की रणनीति बनाने के लिए बैठक बुलाने की बात कही, जबकि अधिवक्ता संघ ने राजस्व लिपिक के निलंबन और गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
