Chandauli News: जापानी नागरिकों को ऐप के जरिए बनाते थे शिकार, मुगलसराय में इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड सेंटर का भंडाफोड़, सरगना फरार.
“मुगलसराय में बैठकर जापानी नागरिकों को उनकी ही भाषा में तकनीकी मदद का झांसा देकर ठगा जा रहा था। स्क्रीन शेयर और इंटरनेट कॉलिंग ऐप के जरिए खासकर बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।”
chandauli
8:31 PM, Sep 30, 2026
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फरार सरगना मोनू पांडे उर्फ विनीत पांडे, पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक.
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Story By : संदीप कुमार, बड़ा बाबू, डीडीयू नगर, चंदौली.
चंदौली। जापान के बुजुर्ग नागरिकों को उनकी ही भाषा में भरोसा दिलाकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का मुगलसराय में भंडाफोड़ हुआ है। कैलाशपुरी में एक इमारत की तीसरी मंजिल पर चल रहे फर्जी कॉल सेंटर से जापानी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर जाल में फंसाया जाता था। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 19 मॉनिटर, 20 सीपीयू, तीन लैपटॉप, छह मोबाइल, चार राउटर समेत बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
जापानी भाषा सीखकर बने ठगों के कॉल सेंटर कर्मचारी
स्वाट, सर्विलांस, साइबर सेल और मुगलसराय पुलिस की संयुक्त टीम ने कैलाशपुरी में छापा मारा तो वहां कंप्यूटर पर विदेशी भाषा में लाइव कॉल चलती मिली। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नालंदा और गया में जापानी भाषा सीखने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े थे। इसके बाद उन्हें जापानी नागरिकों से उनकी भाषा में बातचीत कर ठगी का प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस के मुताबिक गिरोह खासकर बुजुर्ग जापानी नागरिकों को निशाना बनाता था। आरोपी इंटरनेट कॉलिंग सॉफ्टवेयर के जरिए जापानी नंबर प्रदर्शित कर पीड़ितों से संपर्क करते थे और खुद को कंप्यूटर या बैंक का तकनीकी सहायता कर्मचारी बताते थे।
स्क्रीन शेयर ऐप से खुलता था ठगी का रास्ता
ठग पीड़ितों को तकनीकी समस्या या बैंकिंग सुरक्षा के नाम पर स्क्रीन शेयर करने वाले ऐप का इस्तेमाल करने के लिए तैयार करते थे। इसके बाद उनके कंप्यूटर या मोबाइल की गतिविधियों तक पहुंच बनाई जाती थी। ओटीपी और बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस के अनुसार कॉल सेंटर में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों में पीड़ितों से संबंधित डिजिटल सामग्री भी मिली है। बैंकिंग विवरण व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से साझा किए जाते थे। पुलिस को शक है कि ठगी की रकम अंतरराष्ट्रीय खातों के जरिए आगे भेजी जाती थी, जिसकी जांच जारी है।
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दो खातों में मिले नौ लाख रुपये फ्रीज
अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक मैनेजर भी शामिल है। एक आरोपी के दो बैंक खातों में मौजूद करीब नौ लाख रुपये तत्काल फ्रीज कराए गए हैं। पुलिस अब ठगी की रकम के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और दूसरे खातों की जानकारी जुटा रही है।
सरगना फरार, नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य सरगना विनीत पांडे उर्फ मोनू पांडे कार्रवाई से कुछ समय पहले फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि जापानी भाषा जानने वाले युवकों को मैनेजर के जरिए कॉल सेंटर तक लाया जाता था। आरोपी सुबह करीब सात बजे से दोपहर दो बजे तक जापानी नागरिकों से कॉल पर संपर्क करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से मिले कूटरचित आधार कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।



