Chandauli News: संयुक्त जिला अस्पताल में वेंटिलेटर सुविधा पर उठे सवाल, करना पड़ा गंभीर घायलों को वाराणसी रेफर.
"नौगढ़ सड़क हादसे के बाद घायलों को सिर्फ जिला चिकित्सालय में उचित इलाज न मिलने और नाजु की स्थिति में वाराणसी रेफर करने को लेकर संयुक्त चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि 100 बेड के जिला अस्पताल में गंभीर उपचार सुविधाओं को मजबूत करना अब समय की मांग बन चुका है।"
chandauli
9:27 PM, Feb 21, 2026
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जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में घायलों के बारे में जानकारी लेते हुए चकिया भाजपा विधायक कैलाश खरवार व पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार
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Story By: धर्मेंद्र जायसवाल, ब्यूरो, चंदौली.
चंदौली। नौगढ़ थाना क्षेत्र के चोरमरवा गांव के पास नौगढ़-मधुपुर मार्ग पर शनिवार दोपहर हुए सड़क हादसे के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिकअप की टक्कर से ऑटो सवार एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद जब घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया लाया गया, तो कई की हालत नाजुक बनी रही। इस कारण उचित इलाज की व्यवस्था न होने पर गंभीर रूप से घायलों को वाराणसी रेफर कर दिया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ से 10 घायलों को चकिया रेफर किया गया था, जबकि दो को सीधे वाराणसी ट्रामा सेंटर भेजना पड़ा। चकिया पहुंचने के बाद भी चार मरीजों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया गया। फिलहाल छह घायलों का इलाज चकिया में जारी है। कुल मिलाकर छह मरीजों को उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए बाहर भेजना पड़ा। यहीं से सवाल उठने लगे हैं। जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर मरीजों को वाराणसी ट्रामा सेंटर क्यों भेजा गया? स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिला अस्पताल में वेंटिलेटर और क्रिटिकल केयर की व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित हो, तो मरीजों को बाहर रेफर करने की नौबत कम आए।
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घटना की सूचना पर चकिया भाजपा विधायक कैलाश खरवार और पूर्व विधायक जितेंद्र एडवोकेट अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। अस्पताल प्रशासन से बेहतर उपचार सुनिश्चित करने को कहा गया। अस्पताल के ईएमओ डॉ. रोहित के अनुसार, जिन मरीजों की स्थिति अधिक गंभीर थी, उन्हें उन्नत उपचार के लिए वाराणसी ट्रामा सेंटर भेजा गया। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में गंभीर उपचार सुविधाओं को मजबूत करना अब समय की मांग बन चुका है।
