Sonbhadra News: नाबालिग से लैंगिक उत्पीड़न के दोषी को 3 वर्ष का कारावास, ₹20 हजार अर्थदंड.
वर्ष 2019 के नाबालिग से लैंगिक उत्पीड़न मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने अभियुक्त लालबाबू को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और ₹20 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि पीड़िता को देने का भी आदेश दिया।
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6:52 PM, Aug 6, 2026
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नाबालिग से लैंगिक उत्पीड़न मामले में दोषी को विशेष पॉक्सो न्यायालय ने तीन वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) श्री ओमकार शुक्ला ने वर्ष 2019 के एक लैंगिक उत्पीड़न मामले में अभियुक्त लालबाबू को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने लालबाबू को तीन वर्ष के कठोर कारावास और ₹20 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला विशेष सत्र परीक्षण संख्या-28/2020, राज्य बनाम लालबाबू में सुनाया गया। अभियुक्त लालबाबू रजमिलान, थाना बीजपुर का निवासी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना वर्ष 2019 में हुई थी। अभियुक्त लालबाबू ने जंगल में एक नाबालिग बालिका के साथ अश्लील हरकतें और लैंगिक उत्पीड़न किया था। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण प्रक्रिया के दौरान, अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, उसके परिजनों, चिकित्सक और विवेचक सहित कई गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके अतिरिक्त, दस्तावेजी साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। सभी उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी पाया। न्यायालय ने अभियुक्त लालबाबू को भारतीय दंड संहिता की धारा 354-बी और पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत दोषी ठहराया। उसे तीन वर्ष के कठोर कारावास और ₹20,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की यह राशि नियमानुसार पीड़िता को प्रदान की जाए। इस मुकदमे में राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिनेश प्रसाद अग्रहरी और नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।
