Sonbhadra News: इलाज और व्यवस्था के बीच बुझ गई एक शिक्षक की जिंदगी, सड़क हादसे के बाद रास्ते में मौत.
दुद्धी के अमवार रोड पर अज्ञात बाइक की टक्कर से सहायक अध्यापक मोहम्मद मोमिन अहमद गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन हाथीनाला के पास रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मृतक प्राथमिक विद्यालय पगढेवा, खोखा में तैनात थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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3:05 PM, May 6, 2026
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अज्ञात बाइक की टक्कर से गंभीर घायल हुए थे शिक्षक मोहम्मद मोमिन अहमद।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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दुद्धी कोतवाली क्षेत्र में एक सड़क हादसे के बाद इलाज के दौरान हुई सहायक अध्यापक की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था और सड़क सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राथमिक विद्यालय पगढेवा, खोखा में तैनात सहायक अध्यापक मोहम्मद मोमिन अहमद की एक अज्ञात बाइक की टक्कर से मौत हो गई। हादसे के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए इधर-उधर ले जाया गया, लेकिन समय पर समुचित उपचार नहीं मिलने से रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। जानकारी के अनुसार मोहम्मद मोमिन अहमद बैंक संबंधी कार्य से दुद्धी कस्बे आए हुए थे। इसी दौरान अमवार रोड के पास तेज रफ्तार अज्ञात बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों और साथियों के मुताबिक जिला अस्पताल ले जाते समय उनकी हालत लगातार बिगड़ती रही। लौटते समय हाथीनाला के समीप अचानक तबीयत ज्यादा खराब हो गई और उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं शिक्षक की मौत की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी अस्पताल पहुंच गए और मृतक के प्रति संवेदना व्यक्त की। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुद्धी और आसपास के क्षेत्रों में सड़क हादसों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण आए दिन लोगों की जान जा रही है। शिक्षक की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
