Sonbhadra News: ईदगाह रोड पुलिया पर अंधेरा बना खतरा, हाईमास्ट लाइट न लगने से लोगों में आक्रोश.
आदर्श नगर पंचायत चोपन के क्षेत्र में आंधी में गिरी हाईमास्ट लाइट अब तक नहीं लगाई गई। अंधेरे के कारण राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। पुलिया के पास नाला होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ा। स्थानीय लोगों ने असामाजिक गतिविधियों की आशंका जताई। नगर पंचायत से जल्द लाइट लगाने और व्यवस्था सुधार की मांग की गई।
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4:54 PM, May 2, 2026
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सोशल मिडिया पर नगर पंचायत की लापरवाही के खिलाफ निकाल रहे निवासी गुस्सा।
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Story By: चंदन कुमार, चोपन।
सोनभद्र।
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आदर्श नगर पंचायत चोपन क्षेत्र अंतर्गत ईदगाह रोड पुलिया पर पिछले करीब दो वर्षों से फैला अंधेरा अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या और संभावित हादसों का कारण बनता जा रहा है। नागरिकों का आरोप है कि आंधी-तूफान में गिरी हाईमास्ट लाइट को नगर पंचायत द्वारा हटवा तो दिया गया, लेकिन आज तक उसकी मरम्मत या पुनः स्थापना नहीं कराई गई, जिससे क्षेत्र पूरी तरह अंधेरे में डूबा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मार्ग एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जो एक कॉलोनी को दूसरी कॉलोनी से जोड़ता है। लोग इसे शॉर्टकट के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं। रात के समय यहां घना अंधेरा रहता है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलिया के पास एक बड़ा नाला भी स्थित है, जिससे दुर्घटना की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहां सक्रिय रहते हैं, जिससे सुरक्षा का भी खतरा बना रहता है। गौरव नगर और अवकाश नगर के निवासियों ने नगर पंचायत से मांग की है कि जल्द से जल्द हाईमास्ट लाइट की मरम्मत कर उसे पुनः स्थापित किया जाए, ताकि क्षेत्र में रोशनी बहाल हो सके। बता दे कि सोशल मिडिया पर आदर्श नगर पंचायत चोपन में हो रहे विकास कार्यों में भ्रष्टाचार को लेकर मुहीम छीड़ी हुई है लगातार पोस्ट पर पक्ष और विपक्ष में कमेंट आ रहे है, फिर भी मामला संज्ञान में नहीं लिया जा रहा। इसके साथ ही लोगों ने नगर पंचायत चोपन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नगर में लगे कई हाईमास्ट लाइट सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं और जहां रोशनी होनी चाहिए, वहां पर्याप्त प्रकाश नहीं मिल रहा है। आरोप है कि विकास कार्यों में ठेकेदारों की मनमानी और कमीशनखोरी के कारण गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे जिलाधिकारी से शिकायत करने को बाध्य होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देता है और क्षेत्रवासियों को राहत कब तक मिल पाती है।
