Sonbhadra News: बभनी में शिक्षकों का एफएलएन प्रशिक्षण शुरू, बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने पर जोर.
बभनी के बीआरसी सभागार में बुधवार को शिक्षकों के लिए एफएलएन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ एआरपी चंद्रशेखर सिंह और वरिष्ठ शिक्षक मोहम्मद अनीश ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण में शिक्षकों को बच्चों की बुनियादी साक्षरता, संख्या ज्ञान, गणितीय कौशल और प्रभावी शिक्षण विधियों की जानकारी दी जा रही है।
sonbhadra
3:54 PM, Aug 12, 2026
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बभनी में एफएलएन प्रशिक्षण का शुभारंभ, मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ प्रशिक्षण में जुटे शिक्षक।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
बभनी के बीआरसी सभागार में बुधवार को शिक्षकों के लिए एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी) प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की क्षमता बढ़ाना और बच्चों में बुनियादी साक्षरता तथा गणित कौशल को मजबूत करना है। कार्यक्रम का उद्घाटन एआरपी चंद्रशेखर सिंह और वरिष्ठ शिक्षक मोहम्मद अनीश ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर संदर्भदाता विष्णु दयाल यादव ने कहा कि एफएलएन शिक्षा का आधार है। उन्होंने बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षित होने को अत्यंत आवश्यक बताया। यादव ने केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा एफएलएन पर दिए जा रहे जोर का भी उल्लेख किया। यादव ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक बच्चों में पढ़ने-लिखने और गणित की बुनियादी समझ विकसित करने में बेहतर तरीके से सक्षम हो सकेंगे।
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प्रशिक्षण सत्रों का संचालन संदर्भदाताओं भानू प्रताप सिंह, चंद्रशेखर सिंह, विष्णु दयाल यादव, संतोष यादव और अमित कुमार ने किया। संदर्भदाताओं ने शिक्षकों को एफएलएन से संबंधित नवीनतम शिक्षण विधियों, गतिविधियों, मूल्यांकन तकनीकों और डिजिटल टूल्स के उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया है। इसमें बालकों में पढ़ने-लिखने की आदत विकसित करने, संख्या ज्ञान, मापन, आकार-आकृति जैसी बुनियादी अवधारणाओं को सरल और रोचक तरीकों से समझाने पर जोर दिया जा रहा है। संदर्भदाता शिक्षकों को विभिन्न व्यावहारिक सत्रों, समूह गतिविधियों और केस स्टडी के माध्यम से प्रशिक्षित कर रहे हैं, जिसमें सैद्धांतिक चर्चा के साथ-साथ प्रैक्टिकल सत्र भी शामिल हैं। इस प्रशिक्षण में चंद्रजीत सिंह, शिवकुमार, भरत लाल, रविंद्र नारायण पाण्डेय, प्रशांत सिंह, रणजीत कुमार, मुनेश्वर जायसवाल, शकीर अख्तर सहित लगभग 100 शिक्षक और शिक्षा मित्रों ने प्रतिभाग किया।
