Sonbhadra News: ललिता हत्याकांड में दोषी पति को 10 वर्ष का कारावास, 11 हजार रुपये अर्थदंड.
सोनभद्र की सत्र न्यायालय ने करीब दो वर्ष पुराने ललिता हत्याकांड मामले में दोषी पति रामप्यारे को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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5:23 PM, May 22, 2026
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सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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करीब दो वर्ष पूर्व हुए चर्चित ललिता हत्याकांड मामले में शुक्रवार को सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दोषी पति रामप्यारे को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोषी पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में उसे तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार दुद्धी थाना क्षेत्र के कोरची टोला बियादामर निवासी शिवकुमार पुत्र स्वर्गीय राम सहाय ने 1 अप्रैल 2023 को दुद्धी थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसके बड़े भाई रामप्यारे ने अपनी पत्नी ललिता (45) के साथ गाली-गलौज करते हुए डंडे से बेरहमी से मारपीट की थी। घटना में ललिता के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। तहरीर के आधार पर दुद्धी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर आरोपी रामप्यारे के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने घटना को गंभीर अपराध बताते हुए कठोर दंड की मांग की। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने इसे अभियुक्त का पहला अपराध बताते हुए न्यूनतम सजा दिए जाने की अपील की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, गवाहों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने रामप्यारे को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषसिद्ध पाते हुए उसे 10 वर्ष के कारावास और 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय के फैसले के बाद मामले का विधिक निस्तारण हो गया।
