Sonbhadra News: सहगोड़ा रामलीला में शूर्पणखा नासिका छेदन से सीता हरण तक की लीलाओं का मंचन.
सहगोड़ा गांव में रामलीला के सातवें दिन शूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध, सीता हरण और जटायु-रावण युद्ध का मंचन हुआ। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। घघरी और डूभा समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलीला देखने पहुंचे।
sonbhadra
2:08 PM, Oct 18, 2026
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सहगोड़ा गांव की रामलीला में सीता हरण और रामायण के प्रसंगों का मंचन देखते श्रद्धालु, गूंजे भगवान श्रीराम के जयकारे।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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बभनी ब्लॉक के सहगोड़ा गांव में आयोजित रामलीला के सातवें दिन शनिवार को भगवान श्रीराम के वनवास काल की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। शूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध, सीता हरण और जटायु-रावण युद्ध के प्रसंग मुख्य आकर्षण रहे।कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया। रामलीला की शुरुआत भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के वनवास के प्रसंगों से हुई। भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को देखकर शूर्पणखा मोहित हो जाती है। इसके बाद लक्ष्मण द्वारा शूर्पणखा की नाक काटने का मंचन किया गया। बहन के अपमान से क्रोधित खर और दूषण भगवान श्रीराम से युद्ध करने पहुंचते हैं, जहां श्रीराम उनका वध कर देते हैं। इसके बाद रावण अपनी बहन के अपमान का बदला लेने के लिए मारीच की सहायता से छलपूर्वक माता सीता का हरण कर लेता है। सीता हरण के दौरान माता सीता की रक्षा के लिए जटायु और रावण के बीच हुए युद्ध का मार्मिक मंचन किया गया। इसके बाद जटायु उद्धार, शबरी पर भगवान श्रीराम की कृपा तथा भगवान श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता की लीलाओं का भी चित्रण किया गया। इन प्रसंगों को देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे। रामलीला देखने के लिए सहगोड़ा सहित घघरी और डूभा गांवों से बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। धार्मिक आयोजन के माध्यम से लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। रामलीला का मंचन व्यास लालकेश कुशवाहा के निर्देशन में किया गया। इसमें संतोष कुमार शर्मा, गंभीर सिंह, तुकाराम शर्मा, छोटेलाल, श्याम कार्तिक, दीपक तिवारी और विवेकानंद सहित अन्य कलाकारों ने योगदान दिया।




