Sonbhadra News: मे० डी.एस. माइनिंग खदान के विरोध में कांग्रेस ने खोला मोर्चा, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी.
बिल्ली मारकुंडी के खैरटिया टोला में संचालित डी.एस. माइनिंग खदान के विरोध में ग्रामीणों के बाद कांग्रेस पार्टी भी खुलकर मैदान में उतर आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ब्लास्टिंग से घरों में दरारें पड़ रही हैं और पत्थर आबादी तक पहुंच रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को दोबारा ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि जल्द समाधान न होने पर धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन किया जाएगा।
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5:06 PM, Jun 8, 2026
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डी.एस. माइनिंग खदान के विरोध में ओबरा तहसील पहुंचे ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता, कार्रवाई की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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ओबरा तहसील क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी स्थित खैरटिया टोला में संचालित मे० डी.एस. माइनिंग खदान के विरोध में ग्रामीणों के बाद अब कांग्रेस पार्टी भी खुलकर मैदान में उतर गई है। ग्रामीणों की शिकायतों पर कार्रवाई न होने से नाराज कांग्रेस नेताओं ने तहसील प्रशासन को लेटर पैड पर दोबारा ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में होने वाली ब्लास्टिंग से उनके घरों में दरारें पड़ रही हैं, पत्थर उड़कर आबादी तक पहुंच रहे हैं और धूल-गर्दे के कारण लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण महिला परमेश्वरी देवी ने बताया कि खदान उनके घर के बेहद करीब संचालित हो रही है, जिससे परिवार लगातार भय के साये में जी रहा है। उनका कहना है कि ब्लास्टिंग के दौरान उड़ने वाले पत्थरों से बच्चों, महिलाओं और पशुओं की जान को खतरा बना रहता है। आशा देवी ने आरोप लगाया कि तीन बार तहसील में ज्ञापन देने के बावजूद उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि खनन से जुड़े लोग ग्रामीणों को मुआवजा मिलने की बात कहते हैं, जबकि उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिली है। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उन पर दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस नेता सेतराम केसरी ने कहा कि आबादी से लगभग 50 मीटर की दूरी पर खदान का संचालन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएम और एसडीएम को कई बार ज्ञापन देने के बावजूद प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों के अनुरोध पर कांग्रेस पार्टी ने पुनः एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। ओबरा विधानसभा से विधायक वह उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री खुद आदिवासी होते हुए भी आदिवासियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते जिस लोगों में काफी रोष उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता तो कांग्रेस पार्टी ग्रामीणों के साथ धरना-प्रदर्शन करेगी। जरूरत पड़ने पर सड़क जाम सहित अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन भी किए जाएंगे। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर आदिवासियों और ग्रामीणों की समस्याओं की अनदेखी करने तथा खनन माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से खदान संचालन और ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा और जीवन-यापन से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। इस दौरान दिनेश यादव, जिला कार्यवाहक अध्यक्ष, ओबीसी सोनभद्र, शिव कुमारी, गीता, भगमनिया, राजवंती, राजेश्वरी, लक्ष्मी देवी, मंजू देवी, दुर्गावती, गुंजा देवी, भगवती, इस्रावती, चंदादेवी, बलवंत, शांति देवी, कौशल्या, सुनीता व अन्य मौजूद रहे।



