Sonbhadra News: संपूर्ण समाधान दिवस में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन.
तेलगुड़वा से कोन व विंढमगंज मार्ग निर्माण में लापरवाही का आरोप। सड़क पर पानी का छिड़काव न होने से धूल और परेशानी बढ़ी। जगह-जगह गड्ढे व खराब जोड़ से दुर्घटना का खतरा। बिना पुरानी सड़क हटाए सोलिंग डालने की शिकायत। अधिवक्ताओं ने जांच कर गुणवत्ता सुधार की मांग उठाई।
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3:07 PM, May 2, 2026
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अधिवक्ताओं ने जांच कर गुणवत्ता सुधार की मांग उठाई।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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ओबरा तहसील में आयोजित “संपूर्ण समाधान दिवस” के दौरान सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के समक्ष गंभीर शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान अधिवक्ताओं ने तेलगुड़वा से कोन तथा कोन से विंढमगंज मार्ग के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और मानकों के अनुरूप कार्य कराए जाने की मांग की। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। विशेष रूप से पानी के छिड़काव की व्यवस्था न के बराबर है, जिसके कारण सड़क की सतह ठीक से सघन नहीं हो पा रही और लगातार धूल उड़ रही है। इससे राहगीरों, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूल के कारण सांस संबंधी बीमारियों, दमा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ने की आशंका भी जताई गई है। इसके अलावा अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि सड़क निर्माण में कई स्थानों पर गड्ढे छोड़े जा रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। आरसीसी ड्रेन और सड़क के जोड़ भी सही तरीके से नहीं किए गए हैं, जिसके चलते वाहन अनियंत्रित होकर पलट सकते हैं। तेलगुड़वा से कोटा कनहर तक बने मार्ग पर दोपहिया वाहनों के चलने मात्र से ही सड़क पर निशान पड़ने लगे हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कई स्थानों पर पुरानी सड़क को हटाए बिना ही सोलिंग डाल दी गई है, जो भारी वाहनों के दबाव में जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकती है। अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि आरटीआई के माध्यम से कई बार निर्माण मानकों की जानकारी मांगी गई, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए तथा निर्माण से संबंधित सभी तकनीकी मानकों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए। साथ ही धूल नियंत्रण के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित करने और आवश्यक होने पर किसानों के सहयोग से भी पानी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रभास कुमार पांडेय, संपूर्णानंद, विनय कुमार कनौजिया, अजीत कुमार, प्रभाकर दुबे, सुदामा दुबे, राधेश्याम, विकास कुमार, दिवाकर कनौजिया, मुकेश कनौजिया, हरिशंकर यादव, ईश्वर जायसवाल सहित कई अधिवक्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि शिकायतों के आधार पर संबंधित विभाग कितनी जल्द कार्रवाई करता है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार होता है या नहीं।
