ब्रेकिंग न्यूज़
sliderimg
sliderimg
sliderimg
मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news school of e waste management in council schools made children aware through quiz

Sonbhadra News: परिषदीय विद्यालयों में ई-कचरा प्रबंधन की पाठशाला, प्रश्नोत्तरी से बच्चों को किया जागरूक.

बभनी ब्लॉक के सभी परिषदीय विद्यालयों में बुधवार को ई-कचरा प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित संग्रहण, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण की जानकारी दी गई। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और ई-कचरे के उचित निस्तारण के प्रति जागरूक किया गया।

sonbhadra

2:05 PM, Oct 28, 2026

Share:

Sonbhadra News: परिषदीय विद्यालयों में ई-कचरा प्रबंधन की पाठशाला, प्रश्नोत्तरी से बच्चों को किया जागरूक.
logo

परिषदीय विद्यालयों में ई-कचरा जागरूकता अभियान के तहत बच्चों ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे का पृथक्करण सीखा और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें

Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।

विकास खंड बभनी के परिषदीय विद्यालयों में बुधवार को प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को ई-कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान बच्चों को ई-कचरे की पहचान, उसके सुरक्षित संग्रहण, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और उचित निस्तारण के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से ई-कचरा प्रबंधन विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। विद्यालयों में आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि पुराने मोबाइल फोन, कंप्यूटर, चार्जर, बैटरी, खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य अनुपयोगी विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक सामान ई-कचरे की श्रेणी में आते हैं। ऐसे कचरे को सामान्य घरेलू कचरे से अलग रखना चाहिए, ताकि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सके। विद्यार्थियों को ई-कचरे को खुले में नहीं जलाने और न ही इधर-उधर फेंकने की सलाह दी गई। उन्हें बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत कर दोबारा उपयोग करना और अनुपयोगी उपकरणों को अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ता या रीफर्बिशर को सौंपना उचित तरीका है। ई-कचरे का असुरक्षित निस्तारण मिट्टी, पानी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकता है। इस अवसर पर आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में ई-कचरे की पहचान, सामान्य कचरे से उसके पृथक्करण, सुरक्षित संग्रहण, पुनः उपयोग, मरम्मत और पुनर्चक्रण से संबंधित प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। इस कार्यक्रम में आमतौर पर कचरा प्रबंधन (Waste Management) को आसान बनाने के लिए चार अलग-अलग रंगों के डिब्बों (कूड़ेदानों) का उपयोग किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य गीले, सूखे, खतरनाक और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को अलग-अलग करना है ताकि उनका सही से निपटारा या रीसाइक्लिंग की जा सके।हरा बॉक्स -गीला कचरा,नीला बॉक्स- सूखा कचरा,काला या लाल बॉक्स- घरेलू खतरनाक कचरा के प्रयोग किया जाता है। यह कार्यक्रम कम्पोजिट विद्यालय बरवाटोला सतबहनी,पूर्व माध्यमिक विद्यालय असनहर, कम्पोजिट विद्यालय बभनी सहित बभनी के सभी विद्यालयों में ई कचरा प्रबंधन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।


headingicon

सम्बंधित खबर


headingicon

विज्ञापन


headingicon

लोकल न्यूज़

और देखे
headingicon

विज्ञापन

headingicon

विज्ञापन

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright Purvanchal Bhaskar 2025. All rights reserved.