Sonbhadra News: पॉक्सो कोर्ट का सख्त फैसला, नाबालिगों से अपराध में दोषी को प्राकृतिक जीवन तक कैद.
पॉक्सो कोर्ट ने दो नाबालिग बच्चियों से लैंगिक अपराध के दोषी अली फैयाज उर्फ फैज को उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर कुल 73 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आरोप तय होने के महज 4 माह 4 दिन में सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया गया। अभियोजन की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि और नीरज कुमार सिंह ने पैरवी की।
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7:56 PM, Aug 11, 2026
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पॉक्सो कोर्ट के फैसले से संबंधित न्यायालय के आदेश की प्रति।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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नाबालिग बच्चियों से गंभीर लैंगिक अपराध के मामले में सोनभद्र की पॉक्सो अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए अभियुक्त अली फैयाज उर्फ फैज पुत्र सलीमुद्दीन अंसारी, निवासी अनपरा, को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ओमकार शुक्ला की अदालत ने अभियुक्त को उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही विभिन्न धाराओं में कुल 73 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। मामला थाना अनपरा के मुकदमा अपराध संख्या 70/2026 से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार अभियुक्त ने दो नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर उनके साथ लैंगिक अपराध किया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए थे। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पीड़िताओं के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य, जन्मतिथि संबंधी दस्तावेज, पुलिस विवेचना और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों के समग्र परीक्षण के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाया। अदालत ने अपराध की गंभीरता और पीड़िताओं पर पड़े प्रभाव को देखते हुए कठोर दंड को आवश्यक माना। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्त को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। फैसले की खास बात यह रही कि आरोप तय होने के महज चार माह चार दिन में सुनवाई पूरी कर अदालत ने दोषसिद्धि के बाद सजा सुना दी। पॉक्सो जैसे गंभीर मामलों में त्वरित सुनवाई और शीघ्र न्याय की दिशा में इसे महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। मामले में राज्य की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि एवं नीरज कुमार सिंह ने पैरवी की।
