Sonbhadra News: मूसलाधार बारिश से तबाही, पुलिया टूटी और गांवों का संपर्क कटा.
रविवार रात हुई तेज बारिश से डोडहर, जरहा, दिग्गुल और आसपास के इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जरहा अंजीर नदी में अचानक पानी बढ़ने से कई जगह सड़क और पुलिया तेज बहाव में टूट गईं। डोडहर, जरहा और दिग्गुल समेत कई गांवों का आवागमन प्रभावित है। बारिश का पानी घरों में घुसने से लोगों का सामान खराब हो गया, जबकि कई बीघे धान की फसल मिट्टी और बालू में दबकर बर्बाद हो गई।
sonbhadra
1:49 PM, Aug 17, 2026
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बारिश के बाद सड़क पर भरा पानी पार कर स्कूल जाते बच्चे, जलभराव से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किलें।
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Story By: अनुज जायसवाल।
सोनभद्र।
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रविवार की रात गरज-तड़क के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने बीजपुर इलाके में भारी तबाही मचा दी। जरहा अंजीर नदी के उफान और तेज पानी के दबाव से कई जगह सड़क-पुलिया क्षतिग्रस्त हो गईं। डोडहर, जरहा और दिग्गुल समेत कई गांवों का आवागमन प्रभावित होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। सोमवार की सुबह इलाके में जगह-जगह जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़कों का नजारा देखने को मिला। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश इतनी तेज थी कि ऐसा लग रहा था मानो बादल फटकर बरस रहा हो। नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने से कई घरों में पानी घुस गया। कच्चे-पक्के मकानों में सीपेज और छतों से पानी टपकने के कारण लोगों की रात मुश्किल में बीती। तेज आंधी और गरज-तड़क के कारण कई घरों के कूलर, पंखे और फ्रिज सहित विद्युत उपकरण खराब हो गए। पेड़ और बिजली के पोल गिरने से बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। डोडहर, डुमरचुआ और दिग्गुल की ओर जाने वाली सड़क की पुलिया तेज पानी के बहाव में टूटकर बह गई। इससे करीब दो हजार की आबादी का आवागमन प्रभावित हो गया है। स्कूली बच्चों, शिक्षकों, श्रमिकों और रोजमर्रा के काम से बाहर जाने वाले ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र का प्रमुख रास्ता है और दूसरा नजदीकी मार्ग उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया रात करीब 11 से 12 बजे के बीच तेज बारिश और पानी के दबाव में टूट गई। सुबह जब लोगों ने देखा तो पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त था। बच्चों को स्कूल जाने में सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर पुलिया और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। जरहा-चेतवा के राजेंद्र सिंह बघेल के फार्म हाउस के कृषि प्रबंधक राहुल सिंह ने बताया कि पानी के दबाव से एक बंधा टूट गया, जिससे कई बीघे धान की फसल मिट्टी और बालू में दबकर बर्बाद हो गई। उन्होंने राजस्व विभाग को शिकायत देकर आपदा राहत कोष से क्षतिपूर्ति की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मोखना के टूटे पुल की शिकायत जनसुनवाई और पीडब्ल्यूडी विभाग से कई बार की गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई। उनका कहना है कि यदि पुल की मरम्मत पहले करा दी गई होती तो आज ग्रामीणों के सामने यह संकट नहीं खड़ा होता। लोगों ने लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई और क्षतिग्रस्त मार्गों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
