Sonbhadra News: नौकरी का झांसा देकर आदिवासी युवतियों से ठगी, वाराणसी में बंधक बनाकर कराया काम.
बभनी क्षेत्र की पांच आदिवासी युवतियों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि वाराणसी बुलाकर उनसे पैसे वसूले गए और बंधक बनाकर काम कराया गया। किसी तरह भागकर युवतियां घर पहुंचीं और पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने जीरो FIR दर्ज कर मामला वाराणसी ट्रांसफर कर दिया है।
sonbhadra
7:49 PM, Mar 24, 2026
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मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने जीरो FIR दर्ज कर मामला वाराणसी ट्रांसफर कर दिया।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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सोनभद्र। जनपद के बभनी थाना क्षेत्र की पांच आदिवासी युवतियों के साथ नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने “काशी हरबोना एसोसिएट, रतनपुरा” नामक कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित सावित्री, देवती, मानमती, अनीता खरवार और राकेश खरवार ने बताया कि उन्हें फोन के माध्यम से अच्छी सैलरी का लालच देकर वाराणसी बुलाया गया। वहां पहुंचने पर उनसे फर्जी फॉर्म भरवाए गए और रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर मोटी रकम वसूली गई। सावित्री से 21 हजार, देवती से 40 हजार, मानमती से 26 हजार, अनीता खरवार से 26 हजार तथा राकेश खरवार से 17,050 रुपये लिए गए। आरोप है कि कंपनी ने युवतियों को बंधक बनाकर काम कराया। उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए थे और परिजनों से बातचीत पर भी नजर रखी जाती थी। कुछ दिनों बाद मौका पाकर सभी पीड़ित किसी तरह वहां से भाग निकले और अपने घर सोनभद्र पहुंच गए। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने अपनी जमा राशि वापस मांगी तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। मामले की जानकारी अपना दल (एस) महिला मंच की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रीति सिंह को दी गई। इसके बाद पीड़ितों और उनके परिजनों ने पुलिस लाइन पहुंचकर अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की। अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि घटना वाराणसी से संबंधित है, इसलिए जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले को वाराणसी स्थानांतरित किया जा रहा है। अब पूरे प्रकरण की जांच वाराणसी पुलिस द्वारा की जाएगी।
