Sonbhadra News: नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में विशाल सोनकर पाया गया दोषी, 3 वर्ष की कैद.
7 वर्ष पूर्व 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी विशाल सोनकर को 3 वर्ष का साधारण कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर 30 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है।
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7:16 PM, Nov 24, 2025
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अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सुनाया फैसला।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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7 वर्ष पूर्व 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी विशाल सोनकर को 3 वर्ष का साधारण कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर 30 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 20 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र निवासी पीड़िता की मां ने 24 सितंबर 2018 को पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को दी शिकायती प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि 11 सितंबर 2018 को सायं 4:30 बजे विशाल सोनकर पुत्र दिलीप सोनकर निवासी पुसौली, थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र अपने 3-4 साथियों को लेकर आया और उसकी 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को जबरन उठा ले गया। इसकी सूचना उसके पति ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में दिया तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं किया। 12 सितंबर 2018 को सायं 7 बजे उसकी बेटी को चौकी के पास छोड़कर चले गए। पुलिस द्वारा बेटी को सुपुर्द कर दिया गया। डरी सहमी बेटी ने बताया कि उसका वीडियो क्लिप भी बना लिया है। धमकी दिया है कि ज्यादा शोर करोगी तो वीडियो वायरल कर देंगे। 20 सितंबर 2018 कोसायं 7:30 बजे से पुनः बेटी लापता है। इसकी सूचना रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में दी तो पुलिस ने कहा कि तुम्ही अपनी बेटी को खोजो। बेटी की हर संभव जगह तलाश की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। कहीं बेटी के साथ कुछ गलत न हो जाए। जब विशाल के घर जाकर पता की तो उसके भाई ने कहा कि बेटी को भगा ले गया है। शिकायत करने पर हरिजन एक्ट में फंसा कर जेल भेजवा दिया जाएगा। इस तहरीर पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने 27 सितंबर 2018 को एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने विशाल सोनकर के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 7 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर अपहरण के दोषी विशाल सोनकर (28) वर्ष को 3 वर्ष का साधारण कारावास एवं 30 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 20 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी व नीरज कुमार सिंह ने बहस की।



