Chandauli Crime News: फर्जी लोन कंपनी के नाम पर साइबर फ्रॉड, 25 हजार का इनामी लखनऊ से गिरफ्तार.
“फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर कम ब्याज में लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को चंदौली साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर फ्रॉड में बैंक खाते उपलब्ध कराने और गिरोह के अन्य सदस्यों के संपर्क में था।”
chandauli
7:53 PM, Sep 16, 2026
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साइबर फ्रॉड के आरोपी के साथ साइबर क्राइम थाने की पुलिस टीम
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Story By : पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 25 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी को चंदौली साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आशीष गैलवार पुत्र स्व. सुखलाल निवासी फर्रुखाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे 15 सितंबर की रात 9:11 बजे चिनहट थाना क्षेत्र, कमिश्नरेट लखनऊ से मोबाइल लोकेशन के आधार पर पकड़ा।
पुलिस के अनुसार गिरोह ‘सत्कार निधि लिमिटेड’ समेत अन्य फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर सोशल मीडिया और मोबाइल कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करता था। लोन स्वीकृत कराने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क और अन्य चार्ज के बहाने रकम जमा कराई जाती थी। साइबर शिकायतों की जांच में इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों से 16 साइबर शिकायतें सामने आईं। पुलिस के मुताबिक करीब 1.42 करोड़ रुपये की साइबर फ्रॉड से जुड़ी धनराशि भी होल्ड पाई गई थी। इसी मामले में साइबर थाना चंदौली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। 12 जून को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वीरेंद्र कुमार, आशीष पटवा और सोनी को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से तीन सीपीयू, तीन मॉनीटर, प्रिंटर, 350 पासबुक, फर्जी पहचान पत्र, 21 रजिस्टर, छह ब्लैंक चेक, 11 मोहरें, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे।
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पुलिस की जांच में आशीष गैलवार का नाम सामने आने के बाद वह फरार चल रहा था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पूछताछ में आरोपी ने साइबर फ्रॉड के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने और गिरोह के अन्य आरोपियों के संपर्क में रहने की बात स्वीकार की है। उसके कब्जे से लावा प्राइम का एक की-पैड मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार मामले में डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है। कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर सेल प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल पवन कुमार यादव, कांस्टेबल मनोज चौहान और सर्विलांस टीम के कांस्टेबल गणेश तिवारी शामिल रहे। पुलिस ने लोगों से अनजान व्यक्ति या संस्था के झांसे में आकर लोन या निवेश के नाम पर रकम जमा नहीं करने की अपील की है।



