Chandauli News: अतिरिक्त प्रभार के विरोध में 40 लेखपालों का कार्य बहिष्कार, राजस्व कार्य प्रभावित.
"उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर सकलडीहा तहसील में लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार के विरोध में कार्य बहिष्कार किया। लेखपालों के आंदोलन से आय, जाति, निवास और वरासत प्रमाण पत्र समेत कई राजस्व कार्य प्रभावित होने लगे हैं।"
chandauli
9:14 PM, Sep 25, 2026
Share:


तहसील सकलडीहा में कार्य बहिस्कार लेखपाल
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By : पुनवासी यादव, सकलडीहा, चंदौली.
चंदौली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शुक्रवार को अतिरिक्त प्रभार के विरोध में सकलडीहा तहसील क्षेत्र के 40 लेखपालों ने कार्य बहिष्कार किया। जिलाध्यक्ष विनय सिंह के नेतृत्व में लेखपालों ने तहसील सभागार में बैठक कर अपनी मांगों को लेकर चर्चा की। 22 सितंबर से अतिरिक्त प्रभार छोड़ने के बाद संबंधित गांवों में राजस्व कार्य प्रभावित होने लगे हैं।
लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष अरुण कुमार अवस्थी ने बताया कि सकलडीहा तहसील में लेखपालों के कुल 152 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 119 लेखपाल ही कार्यरत हैं। इनमें 11 लेखपालों को पट्टा सहित अन्य पटल का कार्य भी देखना पड़ रहा है। ऐसे में कई लेखपालों के पास अतिरिक्त गांवों का प्रभार होने से काम का दबाव बढ़ गया है। अतिरिक्त प्रभार के बदले अलग से मानदेय देने समेत लेखपाल संघ ने स्थानांतरण, 2800 ग्रेड पे, पदोन्नति, तकनीकी पद घोषित करने, साइकिल भत्ता और स्टेशनरी भत्ता बढ़ाने सहित सात सूत्रीय मांगें उठाई हैं। संघ का कहना है कि अतिरिक्त गांवों का प्रभार संभालने के कारण एक ओर लेखपालों पर काम का दबाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों के जरूरी राजस्व कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन
अतिरिक्त प्रभार छोड़ने के बाद आय, जाति, निवास और वरासत प्रमाण पत्र बनवाने समेत अन्य राजस्व कार्यों के लिए ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील अध्यक्ष ने कहा कि यह कार्य बहिष्कार प्रदेश संगठन के आह्वान पर किया जा रहा है। शासन स्तर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। इस दौरान जिलाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, तहसील अध्यक्ष अरुण कुमार अवस्थी, तहसील मंत्री अनिल कुमार, विजय यादव, राकेश सिंह, सुरेंद्र पाल, अनिल कुमार, राजेश पासवान, आलोक पांडेय और सुभाष मौर्य समेत बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।



