Chandauli News: गंगा घाट पर छठ पूजा की बेदी बनाने के दौरान हादसा, पांच बच्चे डूबे, तीन को बचाया गया, दो बच्चों की ट्रामा सेंटर में मौत.
"बलुआ थानाध्यक्ष अतुल कुमार ने बताया कि गंगा में पांच बच्चों के डूबने की सूचना मिली। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से बच्चों को निकाला गया। दो बच्चों की हालत गंभीर देख मैं खुद पुलिस जीप से उन्हें लेकर वाराणसी ट्रामा सेंटर पहुंचा। लेकिन इलाज के दौरान अमित और सत्यम की मौत हो गई। घटना बेहद दुखद है"
chandauli
8:40 AM, Oct 27, 2025
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मृतक अमित और सत्यम की फाइल फोटो
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। बलुआ थाना क्षेत्र के पूरा विजयी गांव के चंद्रावती गंगा घाट पर रविवार की शाम बेदी बनाने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। अपने-अपने मां के संग गंगा घाट आए पांच बच्चे नहाने के दौरान डूबने लगे। डूब रहे बच्चों की चीख-पुकार सुन अफरा-तफरी मच गई। घाट पर बेदी बना रही एक महिला ने अन्य ग्रामीणों के सहयोग से तीन बच्चों को सकुशल बचा लिया।
जबकि दो किशोर गहरे पानी में चले गए। दोनों किशोरों को निकालकर ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। हालत गंभीर देख फार्मासिस्ट ने CPR दिया तो बच्चों की सांस चलने लगी। दोनों बच्चों को तत्काल वाराणसी ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, हरधन जुड़ा गांव निवासी सोहन प्रजापति के पुत्र 13 वर्षीय अमित, अपनी माँ मुन्नी देवी और दिनेश यादव के पुत्र 12 वर्षीय सत्यम, अपनी माँ रिक्की देवी के साथ गंगा घाट पर बेदी बनाने के लिए गए थे। परिजन बेदी बनाने में व्यस्त थे। दोनों बच्चे अन्य तीन बच्चों के साथ स्नान करने के लिए गंगा में कूद गए। जहां पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चले गए। ग्रामीण यह देख शोर मचाने लगे।
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गंगा घाट पर मौजूद महिला गीता देवी ने साहस का परिचय दिया और साड़ी की सहायता से तीन बच्चों को बचा लिया। लेकिन अमित और सत्यम अगर पानी में चले जाने के कारण डूब गए। घटना को देख ग्रामीण मदद के लिए दौड़े और गंगा में डूबे अमित और सत्यम को किसी तरह बाहर निकाला। इस दौरान मौके पर पहुंचे बलुआ थानाध्यक्ष अतुल कुमार और सकलडिहा नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंच गए और दोनों किशोरों को लेकर चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।
सांस न चलने पर पीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट मुकेश सिंह ने सीपीआर दिया तो अमित की पल्स चलने लगी। हालत बिगड़ती देख तत्काल बलुआ थानाध्यक्ष अतुल कुमार दोनों बच्चों को पुलिस जीप से लेकर वाराणसी ट्रामा सेंटर पहुंचे। जहाँ दोनों का इलाज शुरू हुआ। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। दोनों किशोर अमित और सत्यम की इलाज के दौरान मौत हो गई है। दोनों की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में हाहाकार मच गया।
छठ महापर्व के बीच हुए इस दर्दनाक हादसे से जुड़ा हरधन गांव में मातम पसर गया है। बलुआ थानाध्यक्ष अतुल कुमार ने बताया कि दोनों बच्चों को गंगा से निकालकर वाराणसी ट्रामा सेंटर पहुंचाया। लेकिन इलाज के दौरान अमित और सत्यम की मौत हो गई। घटना बेहद दुखद है। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।



