Chandauli News: जमीन के मूल कागजात पर 2.75 लाख का लोन कराने का आरोप, महिला ने डीएम से लगाई गुहार.
“चकिया की एक महिला ने तीन लोगों पर धोखे से उसकी जमीन के मूल दस्तावेज का इस्तेमाल कर बैंक से 2.75 लाख रुपये का लोन कराने का आरोप लगाया है। महिला ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर ऋण चुकता कराने, मूल दस्तावेज वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।”
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9:59 PM, Sep 26, 2026
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Story By : ओपी श्रीवास्तव, जिला मुख्यालय, चंदौली.
चंदौली। चकिया नगर पंचायत के कबीर नगर निवासी मीना देवी ने अपनी जमीन के मूल दस्तावेज का कथित रूप से गलत इस्तेमाल कर बैंक से लोन कराने और दस्तावेज वापस नहीं करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की है। महिला ने विजय नाहर सिंह, नगीना और मोहम्मद वकार अहमद के खिलाफ प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में उसके जमीन के बैनामे के मूल दस्तावेज को लेकर उसके नाम की जमीन के कागजात पर कथित तौर पर 2.75 लाख रुपये का ऋण कराया गया। महिला ने मामले में जांच कराकर मूल दस्तावेज वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मीना देवी के अनुसार वह अपना घर बनवा रही थीं और बेटे की शादी तय थी। इसी दौरान विजय नाहर सिंह से उनके संबंध होने के कारण उन्होंने कुछ रुपये उधार दिलाने की बात कही थी। महिला का आरोप है कि इसी दौरान जमीन के कागजात और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर बैंक से ऋण करा लिया गया। उनका कहना है कि उन्हें लोन की जानकारी उस समय हुई, जब बैंक की ओर से उनके घर पर लोग पहुंचे। महिला ने आरोप लगाया कि लोन की प्रक्रिया के दौरान उन्हें न तो इसकी जानकारी दी गई और न ही बैंक बुलाकर बताया गया कि उनके नाम पर ऋण लिया जा रहा है। शिकायत के मुताबिक, महिला ने इस मामले को लेकर पहले चकिया थाने में भी प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया गया। महिला का दावा है कि उस दौरान विपक्षी पक्ष की ओर से स्टांप पेपर पर लिखकर दिया गया था कि 30 नवंबर 2025 तक बैंक का ऋण चुकता कर उसके जमीन के मूल दस्तावेज वापस कर दिए जाएंगे। आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी न तो ऋण चुकाया गया और न ही जमीन के मूल दस्तावेज महिला को वापस मिले।
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महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि 7 अगस्त 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे जब वह आरोपियों के घर पहुंचकर बैंक का ऋण चुकता करने और अपने जमीन के मूल कागजात वापस करने की बात कहने लगी तो उसके साथ गाली-गलौज की गई और कथित तौर पर गंभीर धमकी दी गई। महिला का आरोप है कि इसके बाद उसने चकिया थाने में शिकायत की, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब उसने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर बैंक का ऋण चुकता कराने, जमीन के मूल दस्तावेज वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मीना देवी ने बताया कि वह अनपढ़ हैं और उन्हें बैंक से लिए गए कथित ऋण की जानकारी काफी देर बाद हुई। उनका कहना है कि उन्होंने पूर्व में करीब डेढ़ लाख रुपये का एक अलग कर्ज लिया था, जिसे वर्ष 2022 में चुका दिया था। महिला का आरोप है कि वर्तमान मामले में कई बार शिकायत करने के बावजूद उसे अब तक जमीन के कागजात वापस नहीं मिल सके हैं। उसने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है।



