Chandauli News: मैढ़ी गांव की बेटी अनामिका ने जापान की क्यूशू यूनिवर्सिटी से हासिल की पीएचडी, बढ़ाया जिले का मान.
“चंदौली सदर ब्लॉक के मैढ़ी गांव की प्रतिभाशाली बेटी अनामिका ने जापान की प्रतिष्ठित क्यूशू यूनिवर्सिटी, फुकुओका से अनुप्रयुक्त रसायन विभाग में पीएचडी की उपाधि हासिल की है। गांव के विद्यालय से शुरुआती पढ़ाई करने वाली अनामिका की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।”
chandauli
10:40 PM, Sep 26, 2026
Share:


जापान में पीएचडी डिग्री के साथ अनामिका
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By : अरविंद कुमार, सैयदराजा, चंदौली.
चंदौली। सदर ब्लॉक के मैढ़ी गांव की प्रतिभाशाली बेटी कुमारी अनामिका ने जापान की प्रतिष्ठित क्यूशू यूनिवर्सिटी, फुकुओका से अनुप्रयुक्त रसायन विभाग में पीएचडी की उपाधि हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। 25 सितंबर को उन्होंने विश्वविद्यालय के उपकुलपति से अपनी पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। गांव की बेटी की इस उपलब्धि की जानकारी मिलते ही परिवार, परिजनों, गुरुजनों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। अनामिका की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कक्षा एक से सात तक गांव स्थित मालवीय विद्या मंदिर से हासिल की थी। गांव के एक विद्यालय से पढ़ाई शुरू कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने तक का उनका सफर क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गया है।
अनामिका की इस शैक्षणिक और शोध यात्रा में उनके चाचा बचऊ प्रसाद का विशेष योगदान रहा, जो हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अनामिका को लगातार प्रोत्साहित करने के साथ उनकी पढ़ाई और शोध के दौरान मार्गदर्शन दिया। 25 सितंबर को जापान में पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के दौरान अनामिका की चाची ज्योत्सना रवि भी मौजूद रहीं। वहीं उनकी शोध यात्रा में क्यूशू यूनिवर्सिटी के अनुप्रयुक्त रसायन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सोजि शिमिज़ु और प्रोफेसर डॉ. ताकानोरी इवासाकी का भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन रहा। अनामिका ने मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर अनुप्रयुक्त रसायन के क्षेत्र में यह उपलब्धि हासिल की है।
विज्ञापन
गांव की बेटी के जापान की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से पीएचडी हासिल करने पर मालवीय विद्या मंदिर के शिक्षकों ने भी प्रसन्नता जताई है। शिक्षकों और ग्रामीणों का कहना है कि अनामिका ने यह साबित किया है कि छोटे से गांव और साधारण परिवेश से निकलकर भी विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंच सकते हैं। अनामिका की उपलब्धि से परिवार के साथ मैढ़ी गांव और पूरे चंदौली जिले में गर्व का माहौल है। परिजनों, गुरुजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।



