Chandauli News: उर्वरक दुकानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 3 दुकानें बंद मिलने पर नोटिस, 13 खाद नमूने जांच को भेजे.
"उप कृषि निदेशक ने बताया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है।कालाबाजारी या अन्य अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।"
chandauli
2:43 PM, Jul 3, 2026
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खाद की दुकान पर जांच करते अधिकारी
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। किसानों को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर गुरुवार को जिले के विभिन्न उर्वरक बिक्री केंद्रों पर औचक छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान तीन दुकानें बंद मिलने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद के 13 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।
संयुक्त जांच टीम में उप कृषि निदेशक और वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान मेसर्स गुप्ता फर्टिलाइजर, मेसर्स पंकज खाद भंडार और मेसर्स शिव खाद भंडार बंद पाए गए, जिस पर प्रशासन ने संबंधित संचालकों से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा हरि ओम फर्टिलाइजर, सौम्या फर्टिलाइजर, न्यू जायसवाल खाद भंडार और पटेल फर्टिलाइजर की भी जांच की गई। जांच अभियान के दौरान आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र (गोरारी), साई खाद भंडार, मौर्या खाद भंडार, न्यू बजरंग खाद भंडार, मां मैहर खाद भंडार, माधव ब्रदर्स तथा मां दुर्गा कृषक सेवा केंद्र समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों से यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एनपीके और अमोनियम सल्फेट के कुल 13 नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
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उप कृषि निदेशक ने बताया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। वर्तमान में यूरिया 17,211 मीट्रिक टन, एसएसपी 13,887 मीट्रिक टन, डीएपी 5,100 मीट्रिक टन, एनपीके 4,569 मीट्रिक टन तथा एमओपी 434 मीट्रिक टन का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की।अधिकारियों ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे लाइसेंस, रेट बोर्ड, स्टॉक रजिस्टर और वितरण रजिस्टर अद्यतन रखें तथा निर्धारित सरकारी दरों पर ही खाद की बिक्री करें। ओवररेटिंग, कालाबाजारी या अन्य अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
