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Chandauli News: खरीफ फसलों को कीट व रोगों से बचाने के लिए कृषि विभाग की एडवाइजरी, किसानों को वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाने की सलाह.

“खरीफ फसलों पर कीट एवं रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने धान समेत सभी खरीफ फसलों की नियमित निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन और AI आधारित मोबाइल ऐप के उपयोग की सलाह दी है।”

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7:44 PM, Jul 16, 2026

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Chandauli News: खरीफ फसलों को कीट व रोगों से बचाने के लिए कृषि विभाग की एडवाइजरी, किसानों को वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाने की सलाह.
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जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव।

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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.

चंदौली। खरीफ सीजन में फसलों को कीट एवं रोगों से सुरक्षित रखने के लिए कृषि विभाग ने किसानों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने किसानों से कहा है कि बदलते मौसम को देखते हुए धान, मक्का, अरहर, उर्द, मूंग सहित अन्य खरीफ फसलों की नियमित निगरानी करें और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार समय पर उपचार करें। इससे फसलों की सुरक्षा के साथ उत्पादन लागत भी कम होगी।

उन्होंने बताया कि जनपद में इस समय धान, अरहर, मक्का, ज्वार, बाजरा, उर्द, मूंग तथा विभिन्न सब्जियों की खेती की जा रही है। कृषि निदेशालय, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसानों को फसलवार कीट एवं रोग प्रबंधन अपनाने की सलाह दी गई है। धान में तना बेधक, पत्ती लपेटक, फुदका तथा जीवाणु झुलसा रोग के नियंत्रण के लिए अनुशंसित दवाओं और फेरोमोन ट्रैप के उपयोग की सलाह दी गई है। वहीं मक्का में तना बेधक और फॉल आर्मी वर्म से बचाव के लिए नियमित निगरानी के साथ वैज्ञानिक नियंत्रण अपनाने को कहा गया है।

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जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि अरहर, उर्द एवं मूंग जैसी दलहनी फसलों में बीज एवं मृदा उपचार के लिए ट्राइकोडर्मा सहित अनुशंसित जैव एवं रासायनिक उपचार लाभदायक रहेगा। वहीं बैंगन और मिर्च जैसी सब्जी फसलों में फल एवं तना बेधक, थ्रिप्स तथा अन्य कीटों के नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का ही प्रयोग करने की सलाह दी गई है। उन्होंने किसानों से बिना कृषि विशेषज्ञ की सलाह के किसी भी दवा का प्रयोग न करने की अपील की। साथ ही बताया कि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (AI आधारित मोबाइल ऐप) के माध्यम से किसान स्वयं फसल में लगने वाले कीट एवं रोग की पहचान कर वैज्ञानिक उपचार संबंधी सुझाव भी प्राप्त कर सकते हैं।


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