Chandauli News: संदिग्ध परिस्थितियों में मिला अधिवक्ता का शव, हत्या का आरोप लगाकर अधिवक्ताओं ने किया नेशनल हाईवे जाम.
“शुक्रवार शाम से लापता अधिवक्ता का शनिवार को विकास भवन के पास शव मिलने से हड़कंप मच गया। पत्नी ने जमीन विवाद में हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दी, जबकि मुकदमा दर्ज करने में देरी का आरोप लगाकर अधिवक्ताओं ने एनएच-19 जाम कर प्रदर्शन किया।”
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9:31 PM, Oct 31, 2026
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मृतक अधिवक्ता की फाइल फोटो
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। सदर थाना क्षेत्र में विकास भवन के समीप शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में अधिवक्ता निखिलेश चंद्र गौतम का शव मिलने से हड़कंप मच गया। वह शुक्रवार की शाम घर से निकले थे, जिसके बाद वापस नहीं लौटे। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। शनिवार दोपहर करीब एक से दो बजे के बीच लोगों के माध्यम से उनकी मौत की सूचना मिली। इसके बाद पत्नी पूनम ने कमलापति अस्पताल पहुंचकर शव की पहचान की। पत्नी ने पुलिस को दी गई तहरीर में वाराणसी के सुंदरपुर निवासी रमेश पटेल के साथ जमीन विवाद का जिक्र करते हुए हत्या की आशंका जताई है। तहरीर के मुताबिक, विवादित जमीन को लेकर पूर्व में जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
अधिवक्ता की मौत की खबर के बाद बड़ी संख्या में साथी वकील मौके पर जुट गए। पत्नी की ओर से हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत देने के बावजूद मुकदमा दर्ज करने में देरी का आरोप लगाकर अधिवक्ताओं ने नेशनल हाईवे-19 पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जन्मेजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मृतक अधिवक्ता की पत्नी करीब दो घंटे से अधिक समय तक शिकायत लेकर थाने पर बैठी रहीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि परिवार पहले से जमीन विवाद और धमकी की बात बता रहा है, इसलिए पुलिस को तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। जन्मेजय सिंह ने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं की मांग किसी को दोषी ठहराने की नहीं, बल्कि शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर सच्चाई सामने लाने की है।
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हाईवे जाम की सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से बातचीत की। इस दौरान राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने निष्पक्ष जांच, मुकदमा दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। सीओ सदर की ओर से मुकदमा दर्ज कर जांच किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद अधिवक्ताओं ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु का कारण स्पष्ट होगा और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



