Chandauli News: राज्य महिला आयोग की सदस्य पर बदसलूकी का आरोप, डॉक्टर के समर्थकों का हंगामा, सीओ सदर से धक्का-मुक्की.
"पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ठीक बगल में घंटों हंगामा चलता रहा, लेकिन न तो अपर पुलिस अधीक्षक और न ही पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। कोतवाली परिसर के अंदर ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी होती रही, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं"
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4:19 PM, Dec 18, 2025
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सदर कोतवाली में हंगामा करते समर्थक
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क।
चंदौली। निजी अस्पताल के एक डॉक्टर के समर्थन में बुधवार की रात सदर कोतवाली परिसर में जमकर हंगामा हुआ। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और करीब तीन घंटे तक कोतवाली को घेर कर रखा। हंगामे के दौरान सीओ सदर के साथ धक्का-मुक्की भी की गयी। यही नाह समर्थको ने खुला कानून व्यवस्था और पुलिस का मान मर्दन किया। अततः डॉक्टर साहब शासन सत्ता के दबाव में आ गए और खुद ही बैकफुट पर चले गए।
मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के जसुरी गांव के समीप नेशनल हाईवे-19 पर स्थित केजी नंदा हॉस्पिटल से जुड़ा है। अस्पताल के संचालक एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद तिवारी ने राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव पर बदसलूकी और उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया है। इसी आरोप को लेकर डॉ. तिवारी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सदर कोतवाली पहुंचे और मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे।
कोतवाली परिसर में समर्थक बेकाबू हो गए और पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के दौरान डॉ. आनंद तिवारी भावुक होकर रोते भी नजर आए, जिससे समर्थकों का आक्रोश और बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान सीओ सदर देवेंद्र कुमार के साथ धक्का-मुक्की भी की गई।
बताया जा रहा है कि डॉ. आनंद तिवारी पिछले कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर निसंतान दंपतियों के इलाज से जुड़े वीडियो साझा कर रहे थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में महिला मरीज उनके अस्पताल पहुंच रही थीं।
बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव जनपद दौरे पर थीं। डॉ. आनंद तिवारी का आरोप है कि महिला आयोग की सदस्य पुलिस बल के साथ उनके अस्पताल पहुंचीं और चार महिलाओं के इलाज को लेकर सवाल उठाए। इसी दौरान दोनों पक्षों में बहस हुई और अस्पताल बंद कराने की धमकी देने का आरोप लगाया गया।
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हालांकि चल रहे हैं हंगामा के बीच राज्य महिला आयोग की सदस्य से मामला जुड़ा होने को लेकर सत्ता शासन का दबाव भी देखने को मिला। दबाव बढ़ने के बाद डॉ. आनंद तिवारी ने अपने अस्पताल में बयान देते हुए कहा कि मेरी कोई गलती नहीं है फिर भी हाथ जोड़कर माफी मांग ली और कहा कि वह कोई मुकदमा नहीं चाहते।
वहीं राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें प्रशासन ने अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में महिलाओं के होने की जानकारी दी थी, इसी वजह से वह वहां गई थीं। उनके अनुसार किसी महिला की कोई शिकायत सामने नहीं आई है, लेकिन यदि शिकायत आती है तो नियमानुसार जांच की जाएगी।
सीओ सदर देवेंद्र कुमार से जब कोतवाली के घेराव धक्का मुक्की पर सवाल किया गया तो उनके चेहरे पर उच्चाधिकारियों का दबाव साफ़ देखने को मिला। अपनी गाडी में बैठने से पहले सीओ सदर धक्का-मुक्की के आरोपों पर कहा कि वीडियो की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ठीक बगल में घंटों हंगामा चलता रहा, लेकिन न तो अपर पुलिस अधीक्षक और न ही पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। कोतवाली परिसर के अंदर ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी होती रही, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।



