Chandauli News : ओमप्रकाश राजभर से नाराज दर्जनों पदाधिकारियों ने छोड़ी पार्टी, 2027 चुनाव से पहले सुभासपा में बगावत.
“चंदौली में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को झटका लगा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर से नाराज युवा मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे का ऐलान किया। उन्होंने राजभर समाज की उपेक्षा, पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी और टिकट वितरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए।”
chandauli
8:50 PM, Oct 20, 2026
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सुभाषपा से त्यागपत्र देते कमेंट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के प्रतिनिधि और मंडल महासचिव वाराणसी दीपक राजभर समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता
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Story By : धर्मेंद्र जायसवाल, ब्यूरो, चंदौली.
चंदौली। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर से नाराज दर्जनों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में युवा मंडल अध्यक्ष एवं मंत्री प्रतिनिधि बबलू राजभर और वाराणसी मंडल प्रमुख महासचिव दीपक राजभर समेत अन्य पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व पर राजभर समाज और पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने के आरोप लगाए।
बबलू राजभर ने कहा कि पार्टी के लिए वर्षों तक काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने में योगदान दिया, लेकिन उनकी समस्याओं पर सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने गरीब परिवारों के आवास, नाली और खड़ंजा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए कई आवेदन दिए, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पार्टी को परिवार की तरह मानकर काम करने वाले कार्यकर्ता अब निराश हैं। बबलू राजभर के मुताबिक, 16 तारीख को अंबेडकर नगर में ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात कर संगठन की स्थिति और सुधार के सुझाव भी दिए गए थे, लेकिन इसके बाद कोई संपर्क नहीं हुआ।
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वाराणसी मंडल प्रमुख महासचिव दीपक राजभर ने आरोप लगाया कि ओमप्रकाश राजभर पार्टी के मूल सिद्धांतों और मुद्दों से भटक गए हैं। उन्होंने पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी, राजभर समाज को अपेक्षित सम्मान और विकास नहीं मिलने तथा टिकट वितरण में बाहुबलियों को तरजीह दिए जाने के आरोप लगाए। अन्य वक्ताओं ने भी कहा कि वर्षों तक पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को नेतृत्व से मिलने तक में परेशानी होती है, जबकि प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता मिलती है। उन्होंने 2022 के चुनाव में गठबंधन के तहत मिली सीटों पर राजभर समाज के प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाते हुए 2027 में भी टिकट वितरण को लेकर सवाल खड़े किए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बबलू राजभर, दीपक राजभर, शंकर राजभर, संजय राजभर, शिवपूजन राजभर, मनीष राजभर और रामाश्रय गौंड सहित कई पदाधिकारियों के नाम सामने आए। वक्ताओं ने कहा कि वे आगे अपने समाज के बीच रहकर काम करेंगे और जहां सम्मान व अधिकार मिलेगा, वहीं अपनी राजनीतिक दिशा तय करेंगे।



