Chandauli News: विमुक्ति दिवस पर अनिल राजभर का सपा पर हमला, आरक्षण और विमुक्त जातियों को लेकर लगाए गंभीर आरोप.
“चकिया विधानसभा में विमुक्ति दिवस समारोह में यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु समाज के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। समाजवादी पार्टी पर आरक्षण और विमुक्त जातियों के मुद्दे पर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में विमुक्त जातियों के लिए अलग आरक्षण का रास्ता खोला जायेगा
chandauli
2:01 AM, Sep 22, 2026
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कार्यक्रम में उपस्थित जन समूह को संबोधित करते प्रदेश सरकार mebकेबिन मंत्री अनिल राजभर
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Story By : धर्मेंद्र जायसवाल, ब्यूरो चंदौली.
चंदौली। चकिया विधानसभा क्षेत्र के पर्वतपुर में आयोजित विमुक्ति दिवस समारोह में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि 76 वर्ष की उम्र में भी प्रधानमंत्री गरीब, किसान और मजदूरों के जीवन में बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने राजभर, बिंद, बियार, गोंड, नोनिया, चौहान, केवट, मल्लाह, पाल, गड़रिया और अन्य वंचित समाजों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन वर्गों के जीवन में बदलाव के लिए सरकार प्रयास कर रही है।
भगवा गमछे को लेकर मंत्री ने समाजवादी पार्टी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भगवा केवल एक रंग नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और भगवान का दर्शन कराने वाला रंग है। उन्होंने सपा के पीडीए अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि असली पीडीए उनके सामने मौजूद विमुक्त और अति पिछड़े समाज के लोगों में दिखाई देता है। मंत्री ने कहा कि यदि किसी धार्मिक संत के गमछे या प्रसाद को राजनीतिक रंग देकर इस्तेमाल किया जा रहा है तो वह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में अड़गड़ानंद महाराज से मिलने और अपनी बात रखने की बात भी कहेंगे। अनिल राजभर ने कहा कि भाजपा का कमल निशान वाला झंडा और भगवा रंग देश तथा भगवान दोनों की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से कहा कि वे अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए राजनीति और समाज के मुद्दों को समझें।
विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु समाज के इतिहास का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के कारण कई जातियों को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार 31 अगस्त 1952 को इस कानून को समाप्त किए जाने के बाद इन समुदायों को विमुक्त जाति के रूप में पहचान मिली। उन्होंने दावा किया कि सरदार वल्लभभाई पटेल इन समुदायों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का दर्जा दिए जाने के पक्ष में थे, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद भी विमुक्त समाज विकास की मुख्यधारा से पीछे रह गया। उन्होंने दावा किया कि पहले जाति प्रमाण पत्र के साथ विमुक्ति प्रमाण पत्र की अलग व्यवस्था थी, जिसे 2006 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने विमुक्त, घुमंतु और अर्ध घुमंतु समाज की समस्याओं पर ध्यान देते हुए उत्तर प्रदेश में बोर्ड गठित किया है।
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आरक्षण के मुद्दे पर अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चार बार सपा की सरकार रही और उनके अनुसार पिछड़े समाज के 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सभी पिछड़ी जातियों तक समान रूप से नहीं पहुंच पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक जाति विशेष को आरक्षण का अधिक लाभ दिया गया, जबकि राजभर, खरवार, पासवान, बिंद, केवट, मल्लाह, पाल, घरेरिया, मौर्य और पटेल समेत कई समाज पीछे रह गए। मंत्री ने 2006 और 2017 के घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले सपा को 17 बिरादरियां याद आईं, जबकि उनके अनुसार 17 जातियों को आरक्षण देने का मामला 2006 में ही उठाया गया था। उन्होंने सवाल किया कि यदि उस समय लिया गया निर्णय पूरी तरह सही था तो न्यायालय ने उस पर रोक क्यों लगाई।
अनिल राजभर ने कहा कि विमुक्त जातियां यह समझती हैं कि जिस व्यवस्था में उन्हें रखा गया है, उसमें उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब विमुक्त जातियों और अन्य वंचित समाज के लिए वाजिब आरक्षण का रास्ता खुल रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महाराष्ट्र और गुजरात की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी विमुक्त जातियों को अलग से आरक्षण देने का प्रावधान सरकार की ओर से किए जाने की दिशा में प्रयास होगा। मंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए अभियान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनता अब सब कुछ समझ रही है और केवल नारों से काम नहीं चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। समारोह के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार की नीतियों को विमुक्त एवं वंचित समाज के हित में बताते हुए सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया।



