Chandauli News: अनिल राजभर ने कहा, मणिकर्णिका घाट निर्माण के बाद सरकार की होने वाली प्रशंसा से घबरा गया है विपक्ष.
"कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में साधु-संतों और शंकराचार्यों का सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन हर विषय में राजनीति करना उचित नहीं है।"
chandauli
5:33 PM, Jan 26, 2026
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गणतंत्र दिवस समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर
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Story By: संतोष, ब्यूरो हेड, पूर्वांचल भास्कर.
चंदौली। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर चंदौली जिला मुख्यालय स्थित महेंद्र टेक्निकल इंटर कॉलेज के मैदान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने ध्वजारोहण किया और पुलिस परेड की सलामी ली। इस अवसर पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित पूरा जिला प्रशासन मौजूद रहा।
समारोह के दौरान चंदौली पुलिस की विभिन्न टुकड़ियों ने अनुशासित परेड के माध्यम से मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। ध्वजारोहण के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और देश की एकता व अखंडता बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में कैबिनेट मंत्री ने मणिकर्णिका घाट विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण हो रहा था, तब भी विपक्ष इसी तरह जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा था। उन्होंने कहा कि शुरुआत में विरोध हुआ, लेकिन जब देश-विदेश के लोगों ने कॉरिडोर की सराहना की तो सच्चाई सामने आ गई।
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अनिल राजभर ने कहा कि मणिकर्णिका महाश्मशान घाट ऐसा स्थान है, जहां बिहार और पूर्वांचल के लोग अपने प्रियजनों की अंतिम विदाई के लिए आते हैं। वहां जो निर्माण कार्य हो रहा है, वह पूरा होने के बाद एक बार फिर सरकार की प्रशंसा होगी। विपक्ष इसी बात से घबराकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहा है।
माघ मेला विवाद पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हमेशा साधु-संतों और महापुरुषों का सम्मान किया है। संगम नोज पर स्नान के दौरान लाखों श्रद्धालु मौजूद थे, ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए केवल यह अपील की थी कि श्रद्धालु कुछ देर रुक जाएं और उन्हें ससम्मान स्नान की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर उस समय भगदड़ होती और कोई हादसा हो जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में साधु-संतों और शंकराचार्यों का सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन हर विषय में राजनीति करना उचित नहीं है।
