Chandauli News: चैती छठ पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य, सरोवर तटों पर गूंजे लोकगीत.
"पूजा समितियों द्वारा दूध, जल आदि की व्यवस्था भी की गई। अर्घ्य के बाद व्रती घर लौटे, जबकि बुधवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा।"
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8:40 PM, Mar 24, 2026
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मानसरोवर घाट पर डूबते सूर्य को अर्घ देते छठ व्रती महिला
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Story By: संदीप कुमार, बड़ा बाबू, डीडीयू नगर (चंदौली).
चंदौली। चैती छठ पर्व पर मंगलवार को व्रतियों ने सरोवर तटों पर पहुंचकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इससे पूर्व विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और व्रती कमर तक पानी में खड़े होकर सूर्यास्त का इंतजार करती रहीं। इस दौरान “कांच ही कांच के बहंगियां बहंगी लचकत जाए” व “मारबो से सुगवा धनुख से सुगा जइहे मुरछाए” जैसे पारंपरिक गीतों से घाट गुंजायमान रहे।
चार दिवसीय छठ पर्व की शुरुआत रविवार को नहाय-खाय से हुई थी। सोमवार को निर्जला व्रत रखकर व्रतियों ने शाम को बखीर का भोग लगाया और 36 घंटे के कठिन उपवास की शुरुआत की। मंगलवार को सुबह से ही अर्घ्य की तैयारियां शुरू हो गईं। घरों में साफ-सफाई के बाद प्रसाद तैयार किया गया और बाजारों में फलों की खरीदारी हुई। दोपहर में सूप-दउरी सजाकर पूजन सामग्री रखी गई।
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शाम को व्रती परिवार के साथ मान सरोवर तालाब, दामोदरदास पोखरा, मालगोदाम पोखरा समेत विभिन्न सरोवर तटों पर पहुंचे और विधि-विधान से भगवान सूर्य की पूजा की। सूर्यास्त के समय जल व दूध से अर्घ्य अर्पित किया गया। इस दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। पूजा समितियों द्वारा दूध, जल आदि की व्यवस्था भी की गई। अर्घ्य के बाद व्रती घर लौटे, जबकि बुधवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा।
