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Chandauli News: सेना के हवलदार अरविंद कुमार मौर्य का निधन, गांव में शोक की लहर.

"सेना के जवानों ने दिल्ली छावनी में पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। इसके पश्चात उनका पार्थिव शरीर चंदौली जनपद स्थित उनके पैतृक गांव शहाबगंज के लिए रवाना कर दिया गया है।"

chandauli

8:01 PM, Jan 15, 2026

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Chandauli News: सेना के हवलदार अरविंद कुमार मौर्य का निधन, गांव में शोक की लहर.
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दिवंगत आर्मी हवलदार अरविंद कुमार मौर्य

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Story By: रतिश कुमार, शहाबगंज, (चंदौली).

चंदौली। शहाबगंज कस्बा निवासी भारतीय सेना में हवलदार पद पर तैनात अरविंद कुमार मौर्य (38) का गुरुवार भोर में सैन्य चिकित्सालय दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार सहित पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अरविंद कुमार मौर्य, चंद्रशेखर उर्फ पारस नाथ मौर्य के पुत्र थे। वह दो भाइयों और एक बहन में दूसरे स्थान पर थे। बचपन से ही सेना में भर्ती होने का सपना देखने वाले अरविंद खेलकूद में भी काफी निपुण थे। उनका स्वभाव अत्यंत सरल और मिलनसार था, जिसके चलते वे गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में काफी लोकप्रिय थे।

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परिवार में उनके छोटे भाई अनिल कुमार मौर्य रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) में तैनात हैं। बड़ी बहन रेखा मौर्य का रो-रोकर बुरा हाल है। हवलदार अरविंद कुमार मौर्य अपने पीछे पत्नी मुन्नी देवी, 15 वर्षीय पुत्र आरुष और 12 वर्षीय पुत्र अंश को छोड़ गए हैं। पति के निधन से पत्नी मुन्नी देवी बार-बार बेहोश हो जा रही हैं, जबकि मां सुशीला देवी को भी गहरा सदमा लगा है और उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उनके निधन से पूरे शहाबगंज कस्बे में मातम पसरा हुआ है। शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देने के लिए उनके आवास पर लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। हर आंख नम है और हर जुबां पर उनके अनुशासन, सादगी और देशभक्ति की चर्चा हो रही है।

सेना के जवानों ने दिल्ली छावनी में पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। इसके पश्चात उनका पार्थिव शरीर चंदौली जनपद स्थित उनके पैतृक गांव शहाबगंज के लिए रवाना कर दिया गया है। पार्थिव शरीर के रात्रि में गांव पहुंचने की संभावना है, जहां पूरे राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। देश ने एक जांबाज सपूत को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। मौके पर बिरुद्दीन फिजिकल एकादमी के निदेशक बिरुद्दीन भी पहुंचकर सैनिक की अंतिम विदाई की तैयारियों में जुटे नजर 


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