Chandauli News: डीडीयू जंक्शन पर आरपीएफ का बड़ा ऑपरेशन, 2 तस्करों के चंगुल से 5 नाबालिगो को किया रेस्क्यू.
"डीडीयू आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप रावत ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बच्चों और उनके परिजनों को पैसों का लालच देकर अपने खर्चे पर टिकट और खाने-पीने की व्यवस्था कर राजस्थान ले जा रहे थे। मामला बाल मजदूरी और मानव तस्करी से जुड़ा पाए जाने पर बीएनएसएस की धारा 105 के तहत कार्रवाई करते हुए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई।"
chandauli
7:26 PM, May 21, 2026
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डीडीयू RPF थाने में बरामद बच्चों और तस्करों के साथ RPF की टीम
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Story By: संदीप कुमार, बड़ा बाबू, डीडीयू नगर (चंदौली).
चंदौली। डीडीयू जंक्शन पर आरपीएफ ने “ऑपरेशन आहट” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध तस्करों के कब्जे से पांच नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है। सभी बच्चों को मजदूरी कराने के लिए राजस्थान ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को मुगलसराय कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
आरपीएफ पोस्ट डीडीयू प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत, सीआईबी टीम और बचपन बचाओ आंदोलन की संयुक्त टीम ने गाड़ी संख्या 12987 अप सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस में यह कार्रवाई की। बताया गया कि ट्रेन के डीडीयू जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर सात पर पहुंचने के बाद पीछे के जनरल कोच से दो ट्रैफिकर छोटू मांझी निवासी गया बिहार और अंगद कुमार निवासी पलामू झारखंड को पांच नाबालिग बच्चों के साथ पकड़ा गया। काउंसलिंग के दौरान तीन बच्चों ने बताया कि उन्हें जयपुर में टाइल्स फैक्ट्री में मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था, जहां 12 घंटे काम के बदले ₹15 हजार महीना देने का लालच दिया गया था। वहीं दो अन्य बच्चों को जेसीबी मशीन पर हेल्पर का काम कराने के लिए जयपुर के पास ले जाया जा रहा था, जहां ₹9 हजार प्रतिमाह देने की बात कही गई थी।
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बच्चों ने बताया कि उन्हें और उनके परिवार को काम करने वाली जगह की सही जानकारी नहीं थी। पुलिस के अनुसार आरोपी बच्चों और उनके परिजनों को पैसों का लालच देकर अपने खर्चे पर टिकट और खाने-पीने की व्यवस्था कर राजस्थान ले जा रहे थे। मामला बाल मजदूरी और मानव तस्करी से जुड़ा पाए जाने पर बीएनएसएस की धारा 105 के तहत कार्रवाई करते हुए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद सभी बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क डीडीयू को सौंप दिया गया, जबकि दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए मुगलसराय कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस अभियान में आरपीएफ के उप निरीक्षक सरिता गुर्जर, राहुल कुमार राय, आरक्षी सत्येंद्र सिंह यादव, रामअवध, सीआईबी टीम के नरेंद्र सिंह, अवधेश प्रताप और बचपन बचाओ आंदोलन की सहायक परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता शामिल रहे।
