Chandauli News: शहीद दिलीप चौहान की प्रतिमा का चकिया ने किया अनावरण, उमड़ा जनसैलाब, ‘दिलीप अमर रहे’ के नारों से गूंजा गांव.
"2013 में छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में दिलीप चौहान शहीद हो गए थे। उस समय वे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनात थे और अंतिम क्षण तक बहादुरी से डटे रहे। उनकी वीरता ने पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया था। शहीद के अनावरण के दौरान कई ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं"
chandauli
11:26 PM, Nov 27, 2025
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शहीद कि पत्नी को सम्मानित करते सीआरपीएफ अधिकारी
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Story By: रतीश कुमार, शहाबगंज.
चंदौली। शहाबगंज ब्लॉक के डुमरी गांव में गुरुवार का दिन भावुकता, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर रहा। सीआरपीएफ के शहीद दिलीप कुमार चौहान की प्रतिमा का भव्य अनावरण क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य द्वारा किया गया। इस दौरान गांव में उमड़ी भारी भीड़ ने ‘दिलीप अमर रहें’ के नारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। अनावरण समारोह में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, ग्रामीणों व परिजनों ने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतिमा के सामने ग्रामीणों ने फूलमालाएं अर्पित कर शहीद की याद में नमन किया।
शहीदों के कारण ही हमारा देश सुरक्षित
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चकिया बीजेपी विधायक कैलाश आचार्य ने कहा कि “शहीद दिलीप चौहान जैसे जवानों के कारण ही हमारा देश सुरक्षित है। वे कठिन परिस्थितियों में भी मातृभूमि की रक्षा करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटते। उनकी शहादत युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।” उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों का सम्मान करना समाज का दायित्व है। सरकार ऐसे परिवारों के साथ हर कदम पर खड़ी है और वे स्वयं भी हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने ग्रामीणों को धन्यवाद देते हुए कहा कि डुमरी गांव ने अपने वीर सपूत के सम्मान में एक प्रेरणादायक प्रतिमा स्थापित कर सराहनीय कार्य किया है।
2013 का नक्सली हमला याद कर भावुक हुए लोग
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में दिलीप चौहान शहीद हो गए थे। उस समय वे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनात थे और अंतिम क्षण तक बहादुरी से डटे रहे। उनकी वीरता ने पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया था। शहीद के सम्मान में ग्रामीणों की वर्षों से चली आ रही प्रतिमा स्थापना की मांग आज पूरी हुई। अनावरण के दौरान कई ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
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गांव में उमड़ा जनसैलाब, तिरंगा यात्रा और भंडारे का आयोजन
सुबह से ही गांव के लोग प्रतिमा स्थल पर पहुंचने लगे। युवाओं ने तिरंगा यात्रा और बाइक रैली निकालकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।गांव के बुजुर्गों ने कहा “दिलीप की शहादत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।”
परिवार हुआ भावुक, कुछ देर छाया सन्नाटा
अनावरण के दौरान शहीद के भाई चंद्रदेव चौहान, रजिंदर चौहान, पत्नी मंजू चौहान सहित पूरा परिवार मौजूद रहा। जब कार्यक्रम संचालक रामकृष्ण पांडेय ने शहीद की जीवन यात्रा और साहसिक घटनाओं का वर्णन किया तो वहां उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें भर आईं और कुछ क्षणों के लिए पूरा माहौल भावुकता से भर गया। शहीद के भाई ने कहा “मेरा भाई आज भी हमारे बीच है। गांव का प्यार और सम्मान उसके बलिदान को अमर कर देता है।”
