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मुख्य खबरें/न्यूज़/chandauli news community toilets constructed at a cost of millions have been made for one year the show piece is being dilapidated due to lack of maintenance

Chandauli News: लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय एक साल से बना है शो पीस, रखरखाव के अभाव में हो रहा है जर्जर.

"खुले में शौच से मुक्ति हेतु गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 14वां वित्त योजनान्तर्गत वर्ष 2019-20 में सामुदायिक शौचालय का निर्माण 4 लाख से अधिक की लागत से कराया गया। रखरखाव संचालन के लिए ग्राम पंचायत निधि के खाते से स्वयं समूह की महिलाओं को 6000 प्रति माह दिया जा रहा है, बावजूद शौचालय का संचालन न होने से महिलाओं, बुजुर्गों तथा छोटे बच्चों को खुले में शौच करने की मजबूरी बनी हुई है"

chandauli

11:38 AM, Sep 5, 2025

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Chandauli News: लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय एक साल से बना है शो पीस, रखरखाव के अभाव में हो रहा है जर्जर.
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एक साल से बंद पड़ा जर्जर हो रहा सामुदायिक शौचालय

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Story By: गोविंद कुमार, चकिया तहसील.

चंदौली। शहाबगंज विकासखंड के खखड़ा गांव में बने सामुदायिक शौचालय में पिछले एक वर्ष से ताला लटका हुआ है, जिससे ग्रामीण इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। शौचालय बंद रहने से गांव के गरीब और बेसहारा लोग खुले में शौच करने के लिए विवश हो रहे हैं। खुले में शौच करने से गांव में गंदगी फैल रही है, जिससे गांव को स्वच्छ रखने की मुहिम यहां फ्लॉप दिखाई दे रही है। वहीं, सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन दम तोड़ती नजर आ रही है। खुले में शौच से मुक्ति हेतु गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 14वां वित्त योजनान्तर्गत वर्ष 2019-20 में सामुदायिक शौचालय का निर्माण 4 लाख से अधिक की लागत से कराया गया। वर्तमान समय में इसके रखरखाव तथा संचालन के लिए ग्राम पंचायत निधि के खाते से स्वयं समूह की महिलाओं को 6000 प्रति माह दिया जा रहा है।

बावजूद शौचालय का संचालन न होने से महिलाओं, बुजुर्गों तथा छोटे बच्चों को खुले में शौच करने की मजबूरी बनी हुई है। ग्रामीण बताते हैं कि शुरुआती दौर में कुछ दिनों तक शौचालय का प्रयोग कभी-कभी होता रहा, मगर पिछले एक वर्ष से शौचालय का ताला तक नहीं खुला। शौचालय बंद रहने के कारण उसके आगे गंदगी इकट्ठा होने वाली टंकी भी खोलकर छोड़ दी गई है। जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों को किसी भी समय टंकी में गिरने का गंभीर खतरा दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं, शौचालय की मरम्मत और रंगरोगन भी निर्माण के बाद कभी नहीं कराया गया, जिससे शौचालय का भवन भी धीरे-धीरे जर्जर होने के कगार पर पहुंच रहा है। डीपीआरओ नीरज सिंहा ने बताया कि गांवों में बने सामुदायिक शौचालय को नियमित सुबह 6 से 10 बजे तक तथा शाम 4 बजे से 8 बजे तक खोलने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह को दी गई है। इसके बाद भी शौचालय बंद रहता है, तो जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


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