Chandauli News: “बंगाल से ज्यादा यूपी में हो रही गौहत्या, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का भाजपा पर बड़ा हमला.
"मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए बोले कि “सनातन धर्म के नाम पर जनता की भावनाओं से खेला जा रहा है।"
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9:24 PM, May 10, 2026
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चंदौली जिला मुख्यालय पर स्वागत कार्यक्रम में एक श्रद्धालु द्वारा दिया गया फरसा दिखाते शंकराचार्य
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती रविवार को चंदौली पहुंचे, जहां उन्होंने धानापुर स्थित शहीद पार्क में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने गौहत्या, हिंदू दर्शन और भाजपा की नीतियों को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। चंदौली मुख्यालय पहुंचने पर भारतीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने गौ तस्करी और गौहत्या के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि “इंटरनेट सर्च करिए, बंगाल से ज्यादा उत्तर प्रदेश में गौहत्या हो रही है।” उन्होंने गौहत्या पर रोक लगाने और गाय को “राष्ट्र माता” घोषित किए जाने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा विषय है।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि “इनको गौ हत्यारों का भी वोट चाहिए।” वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए बोले कि “सनातन धर्म के नाम पर जनता की भावनाओं से खेला जा रहा है।”राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के भगवान परशुराम को “लकड़हारा” कहे जाने वाले कथित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि “उन्हें हिंदू दर्शन का ज्ञान ही नहीं है। भगवान परशुराम ने गायों के दुख दूर करने के लिए परशु धारण किया था।”अपने संबोधन में उन्होंने भाजपा पर हिंदू धर्म और हिंदू दर्शन को विकृत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविक सनातन परंपरा और उसके मूल सिद्धांतों की अनदेखी हो रही है।
शंकराचार्य ने बंगाल चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं के खान-पान और व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म के नाम पर हिंदू दर्शन का अपमान किया जा रहा है और जनता को भ्रमित करने का प्रयास हो रहा है। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
