Chandauli News: फर्जी फाइनेंस कंपनी बनाकर देशभर में ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर गिरोह का भंडाफोड़, 1.42 करोड़ रुपये की राशि होल्ड.
"अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर ऋण, निवेश या अन्य वित्तीय लाभ के नाम पर धनराशि जमा न करें। किसी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in, पर शिकायत दर्ज कराएं और निकटतम पुलिस स्टेशन अथवा साइबर थाना से संपर्क करें।"
chandauli
6:41 PM, Jun 12, 2026
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पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर, पकड़े गए आरोपी और पुलिस टीम
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Story By : पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। साइबर थाना चंदौली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नाम पर देशभर में ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह से जुड़े बैंक खातों में साइबर ठगी की 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई है। साथ ही भारी मात्रा में कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, पासबुक और फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, साइबर शिकायतों की जांच के दौरान पता चला कि "सत्कार निधि लिमिटेड" समेत अन्य फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर आसान ऋण दिलाने का झांसा दिया जा रहा था। आरोपी सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों से संपर्क कर लोन स्वीकृत कराने का भरोसा दिलाते थे और प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क समेत अन्य मदों में रकम जमा कराकर ठगी करते थे। प्रारंभिक जांच में समन्वय पोर्टल और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर इनसे जुड़े 16 साइबर शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज मिलीं। वहीं, जनपद गौतमबुद्धनगर में भी इनके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई। जांच के दौरान साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली कि चंदौली जनपद स्थित एक कार्यालय से इस पूरे गिरोह का संचालन किया जा रहा है और आरोपी सबूतों को हटाकर फरार होने की तैयारी में हैं। इसके बाद प्रभारी साइबर थाना के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखकर कुछ लोग सामान लेकर भागने लगे, लेकिन बजरंग लॉन के सामने से घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी फाइनेंस कंपनी चलाकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। इसके बदले 5 हजार से 25 हजार रुपये तक विभिन्न शुल्कों के नाम पर वसूले जाते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने विभिन्न बैंकों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते खुलवाए थे और देशभर में साइबर ठगी से प्राप्त रकम इन्हीं खातों में मंगाई जाती थी। आरोपी करीब 1.5 प्रतिशत कमीशन काटकर शेष राशि अन्य सहयोगियों के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर ट्रांसफर कर देते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे फर्जी नाम और पते वाले कूटरचित आधार कार्ड का भी इस्तेमाल करते थे।पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेन्द्र कुमार निवासी बर्थरा बुर्द थाना चंदौली, आशीष पटवा निवासी बबुरी बाजार थाना बबुरी और सोनी पत्नी शिवपूजन निवासी शाहपुर थाना चकिया के रूप में की है। आरोपियों के कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 माउस, 02 प्रिंटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, 06 ब्लैंक चेक तथा बैंकिंग एवं वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इस संबंध में साइबर थाना चंदौली पर मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
