Chandauli News: साइबर ठगों ने 42 दिनों में कि 1.15 करोड़ की ठगी, सीओ ने दी सतर्क रहने की सलाह.
"सीओ ने आमजन से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें और बिना पूरी जानकारी के किसी को भी अपना ओटीपी, पासवर्ड या कोई भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके"
chandauli
8:35 PM, Dec 19, 2025
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा.
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Story By: संदीप कुमार, बड़े बाबू, डीडीयू नगर.
चंदौली। जनपद में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बीते 42 दिनों के भीतर साइबर ठगों ने पढ़े-लिखे और तकनीकी रूप से जानकार लोगों को निशाना बनाते हुए कुल 1.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। इस अवधि में साइबर ठगी के 8 मामले सामने आए हैं, जिनमें शिक्षित महिलाएं और व्यापारी भी शामिल हैं।पुलिस के अनुसार ठगों ने सबसे अधिक धोखाधड़ी शेयर बाजार, आईपीओ में निवेश, ऑनलाइन टास्क पूरा करने और साइबर ट्रेडिंग के नाम पर की है। साइबर अपराधी आकर्षक मुनाफे का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के कैलाशपुरी स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाली स्नातक महिला के साथ बड़ा मामला सामने आया है। पीड़िता के अनुसार फेसबुक पर एक लिंक पर क्लिक करने के बाद वह टेलीग्राम के एक ग्रुप से जुड़ गईं, जहां टास्क पूरा करने पर पैसे मिलने का झांसा दिया गया। इसके बाद साइबर ठगों ने महिला के खाते से 30 लाख 11 हजार 980 रुपये निकाल लिए।इसके अलावा कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें स्मार्टफोन और इंटरनेट का अच्छा ज्ञान रखने वाले लोग भी साइबर ट्रेडिंग, शेयर बाजार निवेश, ऑनलाइन गेम्स में पैसे जीतने और आपत्तिजनक वीडियो देखने के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठे हैं।
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पुलिस इन सभी मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है। इस संबंध में मुगलसराय क्षेत्राधिकारी कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि मुगलसराय और अलीनगर थानों में प्राप्त शिकायतों को लेकर पुलिस और साइबर सेल की टीमें लगातार स्कूलों और अन्य संस्थानों में जागरूकता अभियान चला रही हैं। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
सीओ ने आमजन से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें और बिना पूरी जानकारी के किसी को भी अपना ओटीपी, पासवर्ड या कोई भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।



