Chandauli News: आर्थिक तंगी से टूटने वाली थी बेटी की शादी, जिला पंचायत सदस्य बबीता यादव ने निभाई अभिभावक की भूमिका.
"जिला पंचायत सदस्य बबीता यादव ने बताया कि पीड़ित परिवार ने अपनी मजबूरी उनके समक्ष रखी, जिसके बाद सामाजिक दायित्व समझते हुए पूरी व्यवस्था कर विवाह संपन्न कराया गया। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से भी जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की।"
chandauli
10:39 AM, Jun 13, 2026
Share:


बेसहारा बेटी का कन्यादान करते जिला पंचायत सदस्य बबीता यादव व उनके पति चंद्रशेखर यादव
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: संदीप कुमार, बड़ा बाबू, डीडीयू नगर, (चंदौली).
चंदौली। डीडीयू नगर तहसील क्षेत्र के तारनपुर गांव निवासी बेवा प्रेमा देवी की आर्थिक तंगी के चलते उनकी छोटी बेटी धरती कुमारी की शादी टूटने की कगार पर पहुंच गई थी। ऐसे कठिन समय में समाजसेवी एवं जिला पंचायत सदस्य बबीता यादव ने आगे बढ़कर बेटी की शादी की जिम्मेदारी उठाई और पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न कराया। यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
बताया गया कि धरती कुमारी के पिता का करीब एक वर्ष पूर्व निधन हो गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण तय विवाह संपन्न कराना संभव नहीं हो पा रहा था। समय बीतने के साथ लड़का पक्ष की ओर से भी शादी जल्द कराने का दबाव बढ़ने लगा। हालात ऐसे हो गए कि शादी टूटने की आशंका पैदा हो गई। इसी बीच प्रेमा देवी ने समाजसेवी एवं जिला पंचायत सदस्य बबीता यादव से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। पूरी स्थिति जानने के बाद बबीता यादव ने अपने स्तर से शादी कराने का निर्णय लिया। शुक्रवार को डीडीयू नगर स्थित सेंट्रल कॉलोनी के घोंघारे मंदिर में दोनों पक्षों की मौजूदगी में पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न कराया गया। विवाह समारोह में वर-वधू पक्ष के परिजन एवं स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। बेटी की शादी संपन्न होने के बाद प्रेमा देवी और उनके परिवार ने राहत की सांस ली तथा सहयोग करने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
इस संबंध में बबीता यादव के पति एवं रेलवे के टीटीई विभाग में कार्यरत चन्द्रशेखर यादव ने बताया कि लड़की की शादी पहले से तय थी, लेकिन विवाह से पहले ही उसके पिता का निधन हो गया, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया। उन्होंने कहा कि काफी समय बीत जाने के बाद भी शादी नहीं हो सकी और स्थिति ऐसी हो गई थी कि रिश्ता टूटने की नौबत आ गई थी।
