Chandauli News: शिक्षा व्यवस्था पर सख्त हुए डीएम, धानापुर बीईओ से मांगा स्पष्टीकरण, लापरवाही पर चेतावनी.
"“परिषदीय विद्यालयों की समीक्षा बैठक में खराब नामांकन और सुस्त कार्यप्रणाली पर जिलाधिकारी का सख्त रुख देखने को मिला। धानापुर के बीईओ से स्पष्टीकरण तलब किया गया, जबकि अन्य अधिकारियों को भी कार्यशैली सुधारने की चेतावनी दी गई।”
chandauli
11:39 AM, Jul 30, 2026
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समीक्षा बैठक करती जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं, विद्यालयों में नामांकन, ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण भारत मिशन और निर्माणाधीन शैक्षणिक परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई बिंदुओं पर धीमी प्रगति मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
बैठकबैठक में परिषदीय विद्यालयों में अपेक्षा से कम नामांकन पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। धानापुर के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की कार्यशैली पर असंतोष व्यक्त करते हुए तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अन्य बीईओ को भी स्पष्ट चेतावनी दी गई कि योजनाओं के क्रियान्वयन और नामांकन बढ़ाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, विद्युतीकरण, बाउंड्री वॉल और रसोईघर जैसी मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए अधूरे कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूरा कराने के निर्देश दिए। निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों की भाषा और गणित की दक्षता बढ़ाने के लिए जिला समन्वयकों और एआरपी को नियमित विद्यालय निरीक्षण करने को कहा। मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
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समीक्षा के दौरान बरहनी ब्लॉक में शिक्षा विभाग की प्रगति भी संतोषजनक नहीं मिली। जिलाधिकारी ने संबंधित बीईओ को कड़ी चेतावनी देते हुए लंबित डेटा एंट्री सहित सभी कार्य तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए। वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय हंडा के निर्माण कार्यों में देरी पर भी नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्थाओं को तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों को साक्षर बनाने के अभियान को तेज करने, ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने तथा अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



