Chandauli News: इमरजेंसी ड्यूटी से डॉक्टर नदारद, चहनिया सीएचसी में तड़पता रहा मरीज.
"डॉ. रितेश जायसवाल ने बताया कि इमरजेंसी ड्यूटी से बिना अनुमति गायब रहना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में डॉक्टर अनुराग यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान पीएचसी छोड़ने की क्या वजह थी।"
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11:24 AM, Jan 28, 2026
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इमरजेंसी ड्यूटी से डॉक्टर गायब होने की सूचना पर पीएचसी पहुंचे पीएचसी प्रभारी
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Story By: विनीत गुप्ता, चहनिया, (चंदौली).
चंदौली। चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गंभीर हालत में लाए गए एक अज्ञात मरीज को समय पर इलाज नहीं मिल सका। कारण यह रहा कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे। इलाज में हुई देरी से मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
जानकारी के अनुसार रानेपुर निवासी एक व्यक्ति ड्यूटी से घर लौट रहा था, तभी उसने सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। मानवता का परिचय देते हुए उसने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा और 112 पुलिस कसूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर पहुंची एंबुलेंस घायल व्यक्ति को चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। बताया जा रहा है कि उस समय पीएचसी में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अनुराग यादव की उपस्थिति अनिवार्य थी, लेकिन वे मौके पर मौजूद नहीं मिले। वार्ड बॉय और फार्मासिस्ट द्वारा इलाज शुरू न किए जाने के कारण मरीज तड़पता रहा और स्थिति और भी गंभीर हो गई। स्वास्थ्य केंद्र में उस वक्त जिम्मेदारी संभालने वाला कोई स्पष्ट रूप से मौजूद नहीं दिखा।
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इसी बीच सूचना मिलने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. रितेश जायसवाल तत्काल अस्पताल पहुंचे और हालात को संभाला। उन्होंने स्वयं मरीज की स्थिति का आकलन करते हुए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कीं और बेहतर उपचार के लिए मरीज को जिला अस्पताल रेफर किया। डॉ. रितेश जायसवाल ने बताया कि मंगलवार रात डॉक्टर अनुराग यादव की इमरजेंसी ड्यूटी निर्धारित थी, बावजूद इसके वे अनुपस्थित पाए गए, जो एक गंभीर लापरवाही है। पीएचसी प्रभारी ने स्पष्ट किया कि इमरजेंसी ड्यूटी से बिना अनुमति गायब रहना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में डॉक्टर अनुराग यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान पीएचसी छोड़ने की क्या वजह थी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रभारी समय पर नहीं पहुंचते, तो मरीज की जान भी जा सकती थी। फिलहाल मरीज जिला अस्पताल में भर्ती है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। यह मामला एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत और ड्यूटी में लापरवाही को उजागर करता है।
