Chandauli News: सेवानिवृत्त होने के बाद भी लगभग पंद्रह साल से बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं.
"बरठी गांव के 78 वर्षीय पुत्र शिवपूजन शर्मा वर्ष 2007 में पौरा पूर्व माध्यमिक विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए। शिक्षक बनने से पहले वे देश के प्रति सच्ची निष्ठा और प्रेम रखते थे। सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे प्रतिदिन पूर्व माध्यमिक विद्यालय नई बाजार सहित अन्य विद्यालयों में करीब तीन से चार घंटे तक शिक्षण कार्य और शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन बखूबी कर रहे हैं"
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7:56 PM, Sep 5, 2025
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय नई बाजार में बच्चों को शिक्षा देते हुए शिवपूजन शर्मा
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Story By: पुनवासी यादव, सकलडीहा.
चंदौली। शिक्षक सेवा से निवृत्त होने के बाद भी शिक्षक ही कहलाते हैं, कुछ ऐसा ही बरठी गांव के 78 वर्षीय शिवपूजन शर्मा का मामला है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय पौरा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे प्रतिदिन पूर्व माध्यमिक विद्यालय सहित अन्य विद्यालयों में शिक्षा और स्काउट गाइड की शिक्षा देकर बच्चों को राष्ट्र के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। उनका देश के प्रति त्याग और समर्पण क्षेत्र में लोगों के बीच एक मिसाल बन गया है। बरठी गांव के स्व. नेउर शर्मा के 78 वर्षीय पुत्र शिवपूजन शर्मा वर्ष 2007 में पौरा पूर्व माध्यमिक विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए। शिक्षक बनने से पहले वे देश के प्रति सच्ची निष्ठा और प्रेम रखते थे। इनके दो पुत्र रमाकांत और रविंद्र विश्वकर्मा तथा तीन पुत्रियाँ रूकमीना, लक्ष्मीना और तेतर हैं। पत्नी गृहिणी हैं।
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सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे प्रतिदिन पूर्व माध्यमिक विद्यालय नई बाजार सहित अन्य विद्यालयों में करीब तीन से चार घंटे तक शिक्षण कार्य और शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन बखूबी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके कार्य में अनुशासन बच्चों में नियमित रूप से देखने को मिलता है। प्रधानाध्यापक अरुण कुमार रत्नाकर ने बताया कि अंग्रेजी पढ़ने के लिए बच्चों में काफी उत्सुकता देखने को मिलती है। इसके साथ ही वे बच्चों को स्काउट गाइड के प्रशिक्षण के माध्यम से देश और समाज सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी प्रतिदिन की दिनचर्या क्षेत्र और लोगों के लिए एक मिसाल बनती जा रही है। सकलडीहा खंड शिक्षा अधिकारी अवधेश कुमार राय ने बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षक का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान महत्वपूर्ण और सराहनीय है।



