Chandauli News : कम्पोजिट विद्यालय हिनौली के औचक निरीक्षण में चार शिक्षक अनुपस्थित, बीएसए ने दिए वेतन रोकने के आदेश.
“चंदौली में गुरुवार सुबह बीएसए सचिन कुमार ने नियामताबाद ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय हिनौली का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चार शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित मिले। बीएसए ने सभी का निरीक्षण तिथि का वेतन रोकने के साथ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।”
chandauli
6:08 PM, Aug 20, 2026
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कम्पोजिट विद्यालय हिनौली के औचक निरीक्षण के दौरान बच्चों से संवाद करते बीएसए सचिन कुमार।
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों की समयबद्धता परखने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने गुरुवार सुबह नियामताबाद विकास खंड स्थित कंपोजिट विद्यालय हिनौली का औचक निरीक्षण किया। सुबह करीब 8:45 बजे अचानक बीएसए के पहुंचने से विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान चार शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना अथवा स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित मिले। इस पर बीएसए ने कड़ा रुख अपनाते हुए अनुपस्थित सभी शिक्षकों का निरीक्षण तिथि का वेतन अवरुद्ध करने का निर्देश दिया।
बीएसए सचिन कुमार ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासनहीनता और शिक्षकों की गैर-जिम्मेदारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अनुपस्थित पाए गए चारों शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। औचक निरीक्षण के दौरान बीएसए ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ शैक्षणिक गतिविधियों की भी पड़ताल की। वह कक्षाओं में पहुंचे और बच्चों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें पढ़ाया। उन्होंने पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछकर बच्चों के शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली। इसके अलावा विद्यालय की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, मिड-डे मील की गुणवत्ता और छात्र उपस्थिति पंजिका का भी निरीक्षण किया।
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बीएसए ने स्पष्ट किया कि जिले के अन्य परिषदीय विद्यालयों में भी आकस्मिक निरीक्षण का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अध्यापन कार्य में लापरवाही या विद्यालय में समय से उपस्थित नहीं होने वाले शिक्षकों के खिलाफ वेतन रोकने सहित आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में अनुशासन कायम करने के साथ बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।



