Chandauli News: गड़ई और चन्द्रप्रभा नदी ने मचाई तबाही, हजारों एकड़ फसल जलमग्न, सैकड़ों कच्चे मकान धराशायी.
"पीडीडीयू नगर एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाके हसनपुर, कम्हरियां, शिवनाथपुर, पचोखर आदि गांवों का लगातार दौरा किया जा रहा है। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालकर बाढ़ राहत चौकी पर भेजा जा रहा है। सभी को बाढ़ राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। सभी बाढ़ प्रभावितों के लिए हर संभव व्यवस्था की जा रही है"
chandauli
11:31 PM, Oct 6, 2025
Share:


बाढ़ में फंसे लोगों से राहत शिविर में जाने की अपील करते एसडीएम अनुपम मिश्रा और बीजेपी पूर्व जिलाध्यक्ष राणा सिंह
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: संतोष, ब्यूरो हेड, पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। शुक्रवार से लगातार हुई 48 घंटे की बारिश के बाद बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद पहाड़ी नदियों ने जमकर तबाही मचाई है। मिर्जापुर की तरफ से आने वाली गड़ई नदी और चंदौली के पहाड़ी इलाके से निकलने वाली चंद्रभान नदी के चपेट में आकर दर्जनों गांव के लोग बेघर हो गए हैं। हजारों एकड़ खेत में खड़ी धान की फसल जहां दोनों नदियों के बाढ़ के पानी में चौपट हो गई है,
वहीं सैकड़ों कच्चे मकान गिर गए हैं। सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ प्रभावित लोगों को बाढ़ राहत शिविर में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं एसडीएम और जनप्रतिनिधि बाढ़ प्रभावित गांव में पहुंचकर लोगों को बाढ़ राहत चौकी पर जाने की अपील करते नजर आए।
जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर तहसील के आधा दर्जन गांवों चंद्रप्रभा और गड़ई नदी की बाढ़ में बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अगस्त के अंतिम सप्ताह में इन नदियों ने बड़े पैमाने पर जिले में तबाही मचाई थी। वहीं, शुक्रवार से हुई बारिश के बाद बांधों से छोड़े गए पानी ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। मिर्जापुर के अहरौरा क्षेत्र में स्थित बांधों से पानी छोड़ जाने के बाद गड़ई नदी ने जहां तबाही मचाई है,
वहीं जिले के नौगढ़ में स्थित बांधों से पानी छोड़ने के बाद चंद्रप्रभा नदी ने कोहराम मचा रखा है। आलम यह है कि मुगलसराय-चकिया मार्ग पर पिछले तीन दिन से आवागमन पूरी तरह बंद है। इस मार्ग पर जगह-जगह बाढ़ का पानी तीन से चार फीट ऊपर सड़क पर बह रहा है। हसनपुर और कम्हरियां गांव का हाल बेहाल है। गड़ई नदी की बाढ़ ने इस गांव को तबाह कर दिया है। गांव में दर्जनों कच्चे मकान गिर गए हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर तहसील के एसडीएम अनुपम मिश्रा और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राणा सिंह अधिकारियों के साथ हसनपुर कम्हरिया गांव पहुंचे और बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। बाढ़ और बारिश से जो मकान गिरने की हालत में हैं, उनमें रहने वाले लोगों से अधिकारियों ने अपील की कि वे बाढ़ राहत चौकी में चलकर रहें।
विज्ञापन
बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों ने बताया कि गड़ई नदी के बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। घर गिर गए हैं, खेत में खड़ी फसल चौपट हो गई है। अभी तक कोई मदद नहीं मिल पाई है। बाढ़ प्रभावित लोग परेशान हैं। खेत में खड़ी धान की फसल चौपट हो गई। डेढ़ महीने में तीसरी बार आई बाढ़ ने हम लोगो को तबाह कर दिया है।
वहीं भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राणा सिंह ने बताया कि गड़ई नदी और चंद्रप्रभा नदी के बाढ़ के कारण हसनपुर कम्हरिया सहित आसपास के कई गांव चपेट में आए हैं। सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को यह खामियाजा उठाना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग पर बड़ा आरोप लगाते हुए उन्होंने बताया कि अगर सिंचाई विभाग समय से गड़ई नदी और चंद्रप्रभा नदी की सफाई कराता,
इस क्षेत्र का ये हाल आज नहीं होता । हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है, लोगों का मकान गिर गया है, और लोगों के पास खाने के लिए कुछ नहीं बचा है। उन्होंने धान के कटोरा के नाम से प्रसिद्ध जनपद चंदौली के बाढ़ प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज देने की सीएम योगी से अपील की है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाके हसनपुर, कम्हरियां, शिवनाथपुर, पचोखर आदि गांवों का लगातार दौरा किया जा रहा है। जिनके कच्चे मकान गिर गए हैं, उनकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जा रही है। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालकर बाढ़ राहत चौकी पर भेजा जा रहा है।
सभी को बाढ़ राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। किसी के साथ कोई अनहोनी न हो, इसको लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और सभी बाढ़ प्रभावितों के लिए हर संभव व्यवस्था की जा रही है। जिनके कच्चे मकान गिर गए हैं, उनके सर्वे कराकर उन्हें मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आवास से उपलब्ध कराया जाएगा।



