Chandauli News: अवैध खनन को लेकर फिर चर्चा में गायघाट, 2017 में हुआ था भाजपा सांसद का घेराव, 2022 चुनाव से पहले हुआ था पुलिस टीम पर हमला.
"पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी महेंद्र राव के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, अवैध खनन, सीएलए एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। उनके भाई विजेंद्र राव और परिजनों पर भी विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।"
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6:08 PM, May 10, 2026
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वर्तमान सोनभद्र सपा सांसद छोटेलाल खरवार के साथ आरोपी महेन्दर राव
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Story By: गोविंद कुमार, चकिया, (चंदौली).
चंदौली। चकिया थाना क्षेत्र के गायघाट भांगड़ा गांव स्थित चन्द्रप्रभा रेंज के अमरा बीट में अवैध खनन के खिलाफ शनिवार को हुई कार्रवाई के दौरान वन विभाग और पुलिस टीम पर हमला, चक्का जाम और सरकारी कार्य में बाधा का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर गायघाट क्षेत्र सुर्खियों में आ गया है। यह वही इलाका है जहां वर्ष 2017 में तत्कालीन भाजपा सांसद छोटेलाल खरवार का अवैध खनन के विरोध में घेराव किया गया था, जबकि 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भी पुलिस और प्रशासनिक टीम पर हमला हुआ था।
शनिवार को वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अवैध मिट्टी खनन की सूचना पर चन्द्रप्रभा रेंज क्षेत्र में पहुंची थी। मौके पर बिना अनुमति चल रही एक जेसीबी और दो ट्रैक्टर को टीम ने कब्जे में लिया। आरोप है कि जब टीम वाहनों को लेकर लौट रही थी, तभी सपा नेता और पूर्व हिस्ट्रीशीटर महेंद्र राव, उनके भाई विजेंद्र राव तथा अन्य ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते महिलाओं और पुरुषों की बड़ी भीड़ जमा हो गई और टीम को घेर लिया गया। पुलिस के अनुसार करीब 80 से 100 लोगों ने सरकारी कार्रवाई में बाधा डाली। सड़क पर पत्थर रखकर जाम लगाने, राहगीरों से अभद्रता करने तथा कब्जे में लिए गए वाहनों को छुड़ाने का प्रयास किया गया। स्थिति बिगड़ने पर चकिया कोतवाली पुलिस के साथ अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी। पुलिस क्षेत्राधिकारी रघुराज के नेतृत्व में पहुंची टीम ने हालात नियंत्रित किए।
पुलिस और वन विभाग की ओर से महेंद्र राव, विजेंद्र राव समेत कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, हमला, अवैध खनन और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल अधिकांश आरोपी अभ्यस्त अपराधी हैं और कई के खिलाफ पहले से गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। घटना के बाद मुख्य आरोपी गांव छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
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दरअसल गायघाट और चन्द्रप्रभा रेंज क्षेत्र लंबे समय से अवैध खनन को लेकर विवादों में रहा है। 21 मई 2017 को तत्कालीन भाजपा सांसद छोटेलाल खरवार अवैध खनन की शिकायत पर चन्द्रप्रभा क्षेत्र के पहाड़ों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उसी दौरान सैकड़ों मजदूरों और खनन से जुड़े लोगों ने रास्ता जाम कर सांसद का घेराव कर लिया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि एसडीएम चकिया, भारी पुलिस बल और दो प्लाटून पीएसी को मौके पर भेजना पड़ा था। करीब एक घंटे बाद अधिकारियों ने सांसद को सुरक्षित बाहर निकाला था। उस मामले में भी कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। थे।इसके बाद 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भी गायघाट क्षेत्र में अवैध खनन रोकने पहुंची पुलिस टीम पर हमला और विरोध का मामला सामने आया था। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि अवैध खनन से जुड़े नेटवर्क द्वारा लगातार सरकारी कार्रवाई का विरोध किया जाता रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी महेंद्र राव के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, अवैध खनन, सीएलए एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। उनके भाई विजेंद्र राव और परिजनों पर भी विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
