Chandauli News: एसी कोच के टॉयलेट में फिर मिली भारी मात्रा में शराब, जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल.
"सीनियर कमांडेंट जेथिन बी राज ने बताया कि शराब तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सभी ट्रेनों की जांच करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, लेकिन माघ मेले को देखते हुए आरपीएफ की टीमें ट्रेनों, प्लेटफार्मों और स्टेशनों पर सतर्कता के साथ चेकिंग कर रही हैं। आगे भी शराब तस्करों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा"
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11:15 PM, Jan 7, 2026
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बरामद अंग्रेजी शराब के साथ आरपीएफ दिलदारनगर की टीम
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Story By: संदीप कुमार, बड़े बाबू, डीडीयू नगर (चंदौली).
चंदौली। रेलवे के जरिए शराब तस्करी का मामला एक बार फिर सामने आया है। आरपीएफ एवं जीआरपी दिलदारनगर की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात ट्रेन संख्या 11401 पुणे–सुपौल एक्सप्रेस (डाउन) के बी-2 एसी कोच के शौचालय की छत से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की। इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, आरपीएफ दिलदारनगर पोस्ट प्रभारी गणेश सिंह राणा को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त ट्रेन के एसी कोच में शराब की खेप छिपाकर बिहार ले जाई जा रही है। चूंकि ट्रेन का दिलदारनगर स्टेशन पर नियमित ठहराव नहीं है, इसलिए दानापुर सुरक्षा नियंत्रण कक्ष से समन्वय स्थापित कर ट्रेन का विशेष ठहराव लिया गया। देर रात ट्रेन के प्लेटफार्म संख्या एक पर पहुंचते ही आरपीएफ टीम ने बी-2 कोच की सघन तलाशी ली।
तलाशी के दौरान कोच के शौचालय की छत के भीतर छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई। हालांकि, कोच में मौजूद किसी भी यात्री ने शराब पर अपना दावा नहीं किया और न ही कोई संदिग्ध व्यक्ति पकड़ा जा सका। समयाभाव और ट्रेन के परिचालन को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शराब को जब्त कर लिया।
घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। डीडीयू रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वाली ट्रेन में शराब की खेप किस स्टेशन पर चढ़ाई गई और वहां जांच एजेंसियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। उल्लेखनीय है कि डीडीयू मंडल में आरपीएफ, जीआरपी, एसआईबी और सीआईबी जैसी चार एजेंसियां कार्यरत हैं, इसके बावजूद तस्कर एजेंसियों को चकमा देने में सफल हो रहे हैं।
आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक गणेश सिंह राणा ने बताया कि शराब एक ज्वलनशील पदार्थ है, जिससे ट्रेन में आग लगने का खतरा बना रहता है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई। बरामद शराब को आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए जीआरपी दिलदारनगर को सौंप दिया गया है।इस अभियान में उपनिरीक्षक नवीन कुमार, उपनिरीक्षक राजीव कुमार, सहायक उपनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह तथा आरक्षी हरिशंकर शामिल रहे।
वहीं, सीनियर कमांडेंट जेथिन बी राज ने बताया कि शराब तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सभी ट्रेनों की जांच करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, लेकिन माघ मेले को देखते हुए आरपीएफ की टीमें ट्रेनों, प्लेटफार्मों और स्टेशनों पर सतर्कता के साथ चेकिंग कर रही हैं। आगे भी शराब तस्करों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा।
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