Chandauli News: काली मंदिर ध्वस्तीकरण हादसे में संयुक्त जांच के आदेश, मुआवजे की मांग तेज.
"पीडीडीयू नगर के एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने बताया कि मामले की जांच के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम गठित कर दी गई है। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
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8:02 PM, Jul 11, 2026
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रोते बिलखते परिजन, मृतक बलदेव यादव की फाइल फोटो
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Story By: संदीप कुमार, बड़ा बाबू, डीडीयू नगर, चंदौली.
चंदौली। मुगलसराय जीटी रोड चौड़ीकरण परियोजना के तहत काली मंदिर का ध्वस्तीकरण शुक्रवार देर रात बड़े हादसे में बदल गया। मंदिर का गुंबद भरभराकर गिरने से मलबे की चपेट में आए दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बहादुरपुर निवासी बलदेव यादव की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरे घायल का इलाज जारी है। हादसे के बाद मृतक के परिजनों में आक्रोश फैल गया। प्रशासन ने पूरे मामले की संयुक्त जांच के आदेश दिए हैं, जबकि निर्माण कार्य करा रही ऐपको कंपनी ने मृतक परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र स्थित डीडीयू जंक्शन स्टेशन गेट के सामने सड़क चौड़ीकरण कार्य के तहत पहले मां काली की प्रतिमा को विधि-विधान के साथ दूसरे स्थान पर स्थापित किया गया। इसके बाद देर रात जेसीबी की मदद से मंदिर का ध्वस्तीकरण शुरू हुआ। इसी दौरान मंदिर का गुंबद अचानक गिर पड़ा और मलबे की चपेट में दो कर्मचारी आ गए। मृतक बलदेव यादव ऐपको कंपनी के ठेकेदार के अधीन कार्यरत था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा मानकों और कार्यस्थल पर बरती गई सावधानियों पर सवाल उठाए हैं।घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन अस्पताल और थाने पहुंच गए। परिजनों ने कंपनी की लापरवाही को हादसे का कारण बताते हुए 50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी/कंपनी में नौकरी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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ऐपको कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि ध्वस्तीकरण से पहले बैरिकेडिंग की गई थी तथा पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि मृतक कर्मचारी लोगों को सुरक्षित स्थान पर हटाने का प्रयास कर रहा था, तभी वह हादसे का शिकार हो गया। वहीं पीडीडीयू नगर के एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना ने बताया कि मामले की जांच के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम गठित कर दी गई है। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा मृतक के परिजनों को पात्रतानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।



