Chandauli News: पश्चिम वाहिनीं गंगा तट पर पहुंचेंगे लाखों श्रद्धांलू, मौनी अमावस्या स्नान कि तैयारियां पूरी.
"मौनी अमावस्या स्नान को लेकर बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड सहित कई जिलों से श्रद्धालु पहले ही बलुआ पहुंच चुके हैं। कई लोग सरकारी स्कूलों, कॉलेजों में बने रैन बसेरों और रिश्तेदारों के यहां ठहरकर स्नान पर्व की प्रतीक्षा कर रहे हैं। रविवार की भोर से ही घाट पर भीड़ बढ़ने की संभावना है।"
chandauli
7:38 PM, Jan 17, 2026
Share:


बलुआ पश्चिम वाहिनीं गंगा तट पर लगाया गया स्थायी तैरता जेट्टी
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। मौनी अमावस्या (माघ मेला) को लेकर बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनीं गंगा तट पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार को होने वाले पावन स्नान के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अनुमान है कि आज लाखों श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंगा में इस बार स्थायी तैरता हुआ जेट्टी लगाया गया है, जिससे स्नान के दौरान भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव हो सके।
घाट और मेला क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
प्रशासन और गंगा सेवा समिति की ओर से घाट पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। जिला पंचायत द्वारा महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, खोया-पाया केंद्र, रैन बसेरा और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई है। पंचायत विभाग ने अस्थायी व स्थायी शौचालयों का निर्माण कराया है तथा घाट की नियमित साफ-सफाई कराई गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए घाट पर मेडिकल कैंप लगाया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए थाने पर एंबुलेंस तैनात रहेगी, जबकि चहनियां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों की टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ठंड को देखते हुए वन विभाग द्वारा प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु
मौनी अमावस्या स्नान को लेकर बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड सहित कई जिलों से श्रद्धालु पहले ही बलुआ पहुंच चुके हैं। कई लोग सरकारी स्कूलों, कॉलेजों में बने रैन बसेरों और रिश्तेदारों के यहां ठहरकर स्नान पर्व की प्रतीक्षा कर रहे हैं। रविवार की भोर से ही घाट पर भीड़ बढ़ने की संभावना है।
बलुआ फील्ड में मेले की रौनक
माघ मेले को लेकर बलुआ फील्ड में रौनक दिखाई देने लगी है। मिष्ठान, चाट-जलेबी, गुड़हिया, फल, महिलाओं के श्रृंगार सहित अन्य जरूरत के सामानों की सैकड़ों दुकानें सज गई हैं। झूलों और मनोरंजन के साधनों ने मेले को और आकर्षक बना दिया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रद्धालु मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत रखकर गंगा स्नान करेंगे। बड़ी संख्या में साधु-संत और भिक्षुओं की टोलियां भी बलुआ घाट पर पहुंच चुकी हैं।
