Chandauli News: सुप्रसिद्ध राजदरी जलप्रपात चन्द्रप्रभा सेंचुरी एरिया से ईको पर्यटन अभियान का शुभारंभ.
"विधायक कैलाश खरवार ने कहा कि चन्द्रप्रभा विहार को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। राजदरी-देवदरी जलप्रपात के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए दो करोड़ रुपये और छोटकी दरी के सुंदरीकरण हेतु चार करोड़ रुपये की कार्ययोजना डीएम और सीडीओ द्वारा डीएफओ को सौंपी गई है"
chandauli
10:54 AM, Nov 2, 2025
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इको टूरिज्म अभियान का चंद्र प्रभा के राजदरी में शुभारंभ करते चकिया विधायक कैलाश आचार्य और चीफ संजीव कुमार।
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Story By: गोविंद कुमार, चकिया तहसील.
चंदौली। प्राकृतिक सौंदर्य, हरियाली और झरनों के लिए प्रसिद्ध चन्द्रप्रभा वन्यजीव विहार में शनिवार को ईको पर्यटन अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा विधायक कैलाश खरवार एवं मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर स्कूली बच्चों की रैली को रवाना कर किया।
इस अवसर पर विधायक कैलाश खरवार ने कहा कि चन्द्रप्रभा विहार को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजदरी-देवदरी जलप्रपात के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए दो करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, वहीं छोटकी दरी के सुंदरीकरण हेतु चार करोड़ रुपये की कार्ययोजना डीएम और सीडीओ द्वारा डीएफओ को सौंपी गई है।
विधायक ने कहा कि इस पहल से प्रदेश से बाहर जाने वाले पर्यटक अब यहां का रुख करेंगे। हरियाली, प्राकृतिक नजारों और झरनों के बीच सैलानियों को मनोरंजन के साथ-साथ वनस्पतियों और औषधियों के अध्ययन का अवसर भी मिलेगा। इससे बच्चों में प्रकृति के प्रति लगाव बढ़ेगा और उनमें समरसता व संवेदनशीलता का विकास होगा।
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कार्यक्रम के दौरान मुख्य वन्यजीव संरक्षक संजीव कुमार ने कहा कि ईको पर्यटन के शुभारंभ से जहां वन्य जीवों का संरक्षण होगा, वहीं उनकी संख्या में भी वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि चंद्रप्रभा सेंचुरी क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जंगली जानवरों की संख्या बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ईको पर्यटन के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और स्थानीय समुदाय का विकास सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, अतिक्रमणकारियों से वन भूमि को मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, ग्रामीण, वन कर्मी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



