Chandauli News : पत्नी की हत्या के मामले में पति को उम्रकैद, 50 हजार रुपये का जुर्माना.
“चंदौली में पत्नी की हत्या के करीब ढाई साल पुराने मामले में न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया है। मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी को अहम माना गया।”
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7:25 PM, Oct 30, 2026
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चंदौली पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हत्या के एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार, थाना इलिया में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 20/2024 के तहत पत्नी निशा बेगम की हत्या के मामले में इजहार अली उर्फ मुन्ना पुत्र हनीफ मियां, निवासी ग्राम सीहर, थाना इलिया को अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-1 चंदौली ने 30 अक्टूबर 2026 को दोषसिद्ध करार दिया। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास के साथ 50 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। अर्थदण्ड अदा नहीं करने पर दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, घटना 18 मार्च 2024 की रात करीब नौ बजे की है। आरोप था कि निशा बेगम ने अपने मायके और समूह से कर्ज लेकर टोटो (ई-रिक्शा) खरीदा था। उसकी किश्त टूटने और पैसों के लेन-देन को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसी विवाद से नाराज होकर इजहार अली ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर ईंट-पत्थरों से निशा के सिर और चेहरे पर प्रहार किया तथा गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद मृतका के भाई की तहरीर पर थाना इलिया में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान डीएनए रिपोर्ट सहित वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए गए और न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप अभियुक्त को सजा दिलाने में सफलता मिली। इस मामले में मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन अधिकारी संजय कुमार त्रिपाठी (एडीजीसी) और थाना इलिया के पैरोकार हेड कांस्टेबल अश्वनी राय की भूमिका सराहनीय बताई गई है। पुलिस ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया है।



